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सरकार को नहीं हैं पसंद, गरीब जनता की ‘एसी यात्रा’, हो सकती है बंद

नोएडा : जिस रेल को लेकर पूरे देश में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की वाहवाही हो रहीं थी, उसी रेल पर अब वर्तमान सरकार ने वक्र दृष्टि डाल दी है। जिससे अब देश के गरीब जनता उस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते, जो धनी या समृद्ध वर्ग के परिवार उठाते थें। आपको बता दें कि इससे पहले भी वर्तमान सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया होगा, जिससे साधारण नागरिकों की यात्रा सुलभ हो सकें। हालांकि इस दरम्यान उन्होंने रेल किरायों में जमकर बढ़ोतरी की, कुछ ऐसे भी रेल चलाएं जिससे बिजनेसमैन या धनी लोगों को लाभ हो। लेकिन उन यात्रियों को कभी नहीं सोची जो जेनरल बोगी में ठसमठस होकर जाते हैं, उऩ्हें न तो बैठने में बनता हैं और न खड़ा होने में। लेकिन फिर भी वो मजबूरीवश उस डिब्बे में सवार हो जाते हैं अगर जगह नहीं मिलती तो पेनाल्टी देकर स्लीपर बोगी में चढ़ जाते हैं पर वो एसी बोगी में चढ़ने की नहीं सोचते। क्योंकि उसका किराया बहुत महंगा है।

गरीबों के इसी ख्वाहिश को देखते हुए लालू यादव ने गरीबरथ को चलाया था। लेकिन उसके बाद के सरकार द्वारा इस रेल पर ध्यान न देने से आज ऐसी समस्या आन पड़ी की अब इस रेल को मेल एक्सप्रेस में बदला जा रहा है, जिससे अब इसके किरायें में 400 रूपये की बढ़ोतरी होगी। यानी जिस यात्रा के लिए आप 900 रूपये देते थे, अब उस यात्रा के लिए आपको 1300 रूपये देने होंगे।

इसका सीधा असर सामान्य वर्ग के जेबों पर पड़ेगा। इस रेल के बंद होने पर, रेल मंत्रालय का कहना है कि गरीब रथ की बोगियां बननी बंद हो गई हैं। यानी पटरी पर जो बागियां दौड़ रही हैं वो सभी लगभग 14 साल पुरानी हैं। जिस कारण चरणबद्ध तरीके से गरीब रथ की बोगियों को अब मेल एक्सप्रेस में तब्दील कर दिया जाएगा। जिसकी शुरुआत भी हो गई है।

इसी कड़ी में सबसे पहले पूर्वोत्तर रेलवे से चलने वाली काठगोदाम-जम्मू और काठगोदाम-कानपुर सेंट्रल गरीब रथ को 16 जुलाई से मेल-एक्सप्रेस के रूप में तब्दील कर दिया गया है, यानी अब इस रूट पर गरीब रथ का सस्ता सफर का सफर खत्म हो चुका है।

आपको बता दें कि गरीब रथ 2006 में भारतीय रेल द्वारा चलाई गई थी, जो कम किराये वाली वातानुकूलित रेलगाड़ियां हैं। जिसका मुख्य उद्देश्य कम व्यय करने वाले लोगों की वातानुकूलित गाड़ियों का लाभ देना हैं। बता दें कि गरीब रथ में 12 बोगियो होती है, जो सभी 3एसी होते है। इसकी रफ्तार 140 किलो मीटर प्रति घंण्टा है। चूंकि अब इन गाड़ियों को मेल में बदला जा रहा है, जिससे अब इसमें बोगियों की संख्या 12 से बढ़कर 16 हो जाएगी। जिनमें थर्ड एसी, सेकेण्ड एसी, स्लीपर और जनरल कोच होंगे।

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