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इन बड़ी वारदातों में शामिल थे भोपाल के आतंकी, पढ़िए इन आतंकियों का काला चिट्ठा!

NEW DELHI:- मध्यप्रदेश के भोपाल जेल से फरार होने के बाद एनकाउंटर में मारे गए अतंकियों पर खूब राजनीति हो रही है। ओवैसी, केजरीवाल और दिग्विजय जैसे बड़े नेता इस एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए इस फर्जी तक बता दिया। तो वहीं कुछ मीडिया चैनल इन्हे बेकसूर और बेगुनाह तक बता रही है। लेकिन इनकी असलियत क्या थी वो आज हम आपको बताने वाले है। दरअसल, यह सारे आंतकी बड़ी वारदातों में शामिल थे। इन्होंने लूट, हत्या और भारत विरोधी कई घटनाओं को अंजाम दिया था।

आपको जानकर हैरानी होगी कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पकड़े जाने से पहले इन चार आतंकियों पर लाखों रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। ये चारों वर्ष 2013 में खंडवा जेल से फरार हो गए थे। उस समय एनआईए ने इनकी गिरफ्तारी के लिए तस्वीरों समेत पोस्टर जारी किए थे। जिनमें इनका हुलिया और इनकी जारी चस्पा की गई थी।

बड़ी वारदातों में शामिल चारों आतंकियों की डिटेल्स:

  • मोहम्मशद खालिद अहमद पुत्र मोहम्म द सलीम, निवासी 460, विजय नगर, शोलापुर, महाराष्ट्र
  • जाकिर हुसैन सादिक उर्फ विकी डॉन उर्फ विनय कुमार पुत्र बदरुल हुसैन निवासी खंडवा, मध्य प्रदेश
  • महबूब उर्फ गुड्डू पुत्र इस्माइल निवासी खंडवा, मध्य प्रदेश
  • अमजद पुत्र रमजान खान निवासी खंडवा, मध्य प्रदेश।

मारे गए अन्य 4 आतंकियों की डिटेल्स:

  • मोहम्मद अकील खिलजी निवासी खंडवा, मध्य प्रदेश
  • अब्दुल माजिद पुत्र मोहम्मद यूसुफ निवासी शोलापुर, महाराष्ट्र
  • मोहम्मु सलीक उर्फ सल्लू पुत्र दिवंगत अब्दुल हकीम निवासी खंडवा, मध्य प्रदेश
  • मुजीब शेख उर्फ अकरम उर्फ वसीम उर्फ नावेद पुत्र जमील अहमद निवासी ए/28, जाकिर पार्क जुहापुरा, अहमदाबाद, गुजरात

इसी साल हुई थी अमजद, जाकिर, महबूब और खालिद की गिरफ्तारी:

फरवरी 2016 में इन चारों को ओडिशा और तेलंगाना पुलिस की तीन घंटे चली संयुक्त कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक, इन चारों ने राउरकेला के कुरैशी मोहल्ला में किराए पर एक फ्लैट लिया हुआ था। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, तेलंगाना पुलिस और राउरकेला पुलिस ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था।

इन चारों की गिरफ्तारी करने में पुलिस के पसीने छूटे थे। इनकी गिरफ्तारी से पहले रिहायशी इलाके में मुठभेड़ हुई थी, लेकिन राहत की बात यह थी कि किसी को चोट नहीं आई थी। अमजद, जाकिर, महबूब और खालिद के खिलाफ कई मामले लंबित हैं। जिनकी जांच अभी भी चल रही थी।

2013 में की थी ATS कांस्टेबल की हत्या:

सिमी के सदस्य अमजद, जाकिर, महबूब और खालिद 2013 में मध्यप्रदेश की खंडवा जेल से फरार हो गए थे। इनपर आरोप है कि इन्होंने खंडवा में एटीएस के एक कांस्टेबल को मौत के घाट उतार दिया था। उसके बाद से ही पुलिस इनके पीछे थी। इनके बारे में सभी राज्यों को अलर्ट किया गया था।

बिजनौर में किया था ब्लास्ट:

एनआईए के मुताबिक वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक विस्फोट कांड हुआ था। जिसमें सिमी आतंकियों अमजद, जाकिर, महबूब और खालिद का हाथ था। पुलिस को शुरूआती जांच से पता चला था कि बिजनौर के कोतवाली क्षेत्र में यह विस्फोट उस समय हुआ था, जब एक किराए के कमरे पर कुछ युवक बम बना रहे थे।

ये सभी लोग सिमी के सदिग्ध आतंकी थे। जो किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। सिमी पर उत्तर प्रदेश में साम्प्रदायिक दंगे कराने के आरोप भी हैं।

बैंक डकैती का आरोप

इन चारों के अलावा भोपाल जेल से भागा खंडवा निवासी मोहम्मद अकील खिलजी भी कई मामलों में वांछित रहा था। उसने मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में मौजूद कैनरा बैंक में एक बड़ी डैकती की वारदात को अंजाम दिया था। इस वारदात के कुछ माहिने बाद ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।