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अनुभवी ने होकर भी अनुभवी हो गए बिरला, सारे आंकलन फेल...

नोएडा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने अनोखे फैसले को लेकर अक्सर चर्चा में बने रहे हैं। इसी कड़ी में पीएम ने एक और ऐसा फैसाला किया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। मंगलवार सुबह जैसे ही खबर आई कि ओम बिरला लोकसभा के अध्यक्ष  बनाए जा सकते हैं, पॉलिटिकल पंडितों के सारे आंकलन फेल हो गए। क्योंकि लोकसभा अध्यक्ष की रेस में मेनका गांधी, राधामोहन सिंह, और डॉ. वीरेंद्र कुमार जैसे कई अनुभवी धुरंधर शामिल थे, लेकिन NDA की ओर से बिरला का नाम खुद पीएम मोदी ने तय किया था, इसलिए उनका अध्यक्ष बनना पहले ही तय हो चुका था, जिसके बाद उन्होंने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अपना पद भार संभाल लिया।

ओम बिरला पीएम मोदी के कितने चहेते हैं, इसका अंदाजा आप पीएम के इन बातों से लगा सकते हैं जो उन्होंने बिरला के सम्मान में कहीं। कोटा से दूसरी बार सांसद चुने गए ओम बिरला का लोकसभा अध्यक्ष बनाया जाना इसलिए भी हैरान करता है, क्योंकि वह इस बार दूसरी दफा ही सांसद बने हैं। यानी यह साफ है बिरला अपने प्रतिदंवदियों की तुलना में कम अनुभव रखते हैं। उन्हें संसदीय राजनीति का कोई खास लंबा अनुभव नहीं है। जबकि अब तक लोकसभा अध्यक्ष उन्हीं व्यक्तियों को बनाया जाता रहा है, जिन्हें संसदीय राजनीति का लंबा अनुभव रहा हो।

हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है जब मोदी और शाह ने अपने फैसले से लोगों को हैरान किया है, बल्कि इससे पहले राष्ट्रपति के तौर पर मोदी की पहल पर NDA द्वारा रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाने की बात हो या फिर, उपराष्ट्रपति के तौर पर वैंकेंया नायडू का चुनाव करना। इससे भी बड़ी हैरानी तो तब हुई थी जब 2017 में यूपी विधानसभा में मिली प्रचंड जीत के बाद मोदी और शाह ने देश के सबसे बड़े प्रदेश की कमान कट्टर हिंदुत्व की छवि वाले योगी को थमा दी थीं।

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