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सदन में भावुक हुए सांसद, बोला मेरे मरने पर शोक मत जताना

नोएडा : संसद के दोनों सदनों में गहमागहमी का दौर चल रहा है, कोई पीएम मोदी से जवाब की मांग कर रहा हैं तो कोई बिल पर घमासान कर रहा है। लेकिन इसी बीच ये क्या एक सांसद अचानक राज्यसभा में बोलते हुए भावुक हो गए। और कहा कि मेरे मरने पर भी कभी सदन में कोई शोक प्रस्ताव नहीं लाया जाए। इस दौरान उन्होंने अरूण जेटली और पीएम मोदी का भी आभार जताया।

हम बात कर रहें हैं AIADMK के सांसद वासुदेवन मैत्रेयन की। जिनका राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म हो रहा है। जो अपने विदाई भाषण के दौरान भावुक हो गए और रोने लगे। जिसके बाद उन्होंने सदन से अपील की कि उनके निधन पर सदन में शोक ना जताया जाए। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यकाल की भी जिक्र की। वासुदेवन ने कहा कि सदन में 14 साल से अधिक का सफर आज खत्म हो रहा है। इतना कहते ही वह भावुक हो गए और सदन में ही रो पड़े।

उन्होंने कहा कि ब 2009 में श्रीलंका में कई तमिल लोगों की मौत हुई तो राज्यसभा में शोक नहीं जताया गया था, जिससे मुझे काफी तकलीफ पहुंची थी। इसलिए मैं सदन से अपील करता हूं कि मेरे मरने पर भी कभी सदन में कोई शोक प्रस्ताव नहीं लाया जाए।

इस दौरान मैत्रेयन ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आज़ाद और अपनी पार्टी के नेता का भी आभार जताया, साथ ही विभिन्न दलों के वरिष्ठ सांसदों को शुक्रिया कहा। उन्होंने सचिवालय के कर्मचारियों का भी वक्त पर मदद के लिए आभार प्रकट किया। इसके साथ ही उन्होंने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता को भी याद किया।

आपको बता दें कि बुधवार को राज्यसभा से कुल 5 सांसदों के कार्यकाल का अंतिम दिन था। जिनमें वी मैत्रेयन, के आर अर्जुन, आर लक्ष्मण, टी रत्नवेल, डी राजा शामिल हैं।

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