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गुजरात, राजस्थान समेत पांच राज्यों की महंगी होगी बिजली, कहीं आपका भी राज्य तो शामिल नहीं

नई दिल्ली : लगातार महंगाई की मार झेल रहें आम नागरिकों को एक बार फिर बिजली के 440 वोल्ट के झटके लगने वाले हैं। यह झटका किसी और की नहीं बल्कि बिजली के कीमतों में बढ़ोतरी की होगी। फिलहाल यह तय नहीं हुआ हैं कि बिजली कितनी महंगी होगी। आपको बता दें कि सरकार ने यह कदम SBI को घाटे से बचाने के लिए किया हैं। अब आप यह सोच रहें होंगे कि आखिर बिजली से SBI का क्या संबंध हैं। दरअसल बात यह है कि बिजली के यह संयंत्र SBI द्वारा दिये गये लोन के सहारे चलता था, लेकिन कोयले के मूल्य में बढ़ोतरी होने के कारण यह कंपनी कुछ दिनों से लगातार घाटे में जा रहीं थी।

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गौरतलब है कि इंडोनेशिया ने सितंबर 2010 में कोल माइनिंग और प्राइसिंग फॉर्मूले में बड़ा बदलाव किया था। इस वक्त तक इंडोनेशिया का कोयला अंतरराष्ट्रीय बाजार में सबसे सस्ती दरों पर उपलब्ध था जिसके चलते भारतीय निजी पावर कंपनियों ने इंडोनेशिया के सस्ते कोयले को आधार बनाते हुए अपना संयंत्र लगाया। लेकिन फॉर्मूले में हुए बदलाव से भारतीय कंपनियों पर खतरा भी खड़ा हो गया। जिससे भविष्य में जब भी इंडोनेशिया कोयले की कीमत में बड़ा इजाफा करेगा तब भारतीय कंपनियों के सामने अस्तित्व का संकट होगा।

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कोयले की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से देश में कोयले से संचालित पावर स्टेशनों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। इस चुनौती को देखते हुए गुजरात सरकार ने राज्य में टाटा, अडानी और एस्सार पावर कंपनियों को राज्य में बिजली की दरों में इजाफा करने की छूट देने की पहल कर दी। इस चुनौती से निपटने के लिए जहां गुजरात सरकार आम आदमी के बिजली बिल को महंगा करने की तैयारी कर रही है वहीं महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों के पास भी बिजली बिल में बढ़ोतरी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। आपको बता दें कि ये सभी राज्य अपने जरूरत की बिजली टाटा, अडानी और एस्सार के गुजरात स्थित पावर स्टेशन से ही खरीदते हैं। इन तीनों पावर प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता 10,000 मेगावॉट है।

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वहीं बीते कुछ महीनों से आंतरिक दबाव के चलते इंडोनेशिया ने निर्यात होने वाले कोयले की कीमत में लगातार इजाफा किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की कीमत में जारी गिरावट के चलते इंडोनेशिया के कोयला खदानों के ठप पड़ जाने का खतरा खड़ा था जिससे बचने के लिए इंडोनेशिया सरकार ने निर्यात किए जाने वाले कच्चे कोयले की कीमत में लगातार बढ़ोतरी कर रहीं है। लिहाजा, बीते कुछ महीनों से इंडोनेशिया में कच्चे कोयले की कीमत हो रहे इजाफे के बाद गुजरात सरकार ने जुलाई में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। इस समिति ने इंडोनेशिया में बढ़ती कीमतें और 2010 में फॉर्मूले में हुए बदलाव का हवाला देते हुए निजी क्षेत्र की तीनों कंपनियों को बिजली की मौजूदा दरों में वृद्धि करने की सलाह दी।

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