Breaking News
  • छत्तीसगढ़ में पहले चरण के मतदान में 3:45 बजे तक 49.12 फीसदी वोटिंग
  • पीएम मोदी ने वाराणसी-हल्दिया राष्ट्रीय जलमार्ग देश को समर्पित किया
  • अफगानिस्तानः राजधानी काबुल में बड़ा धमाका, कई लोगों के मारे जाने की आशंका

एक बार फिर धरती पर होगा महाप्रलय, वैज्ञानिकों ने बताया...

नई दिल्ली : अभी जहां पूरा देश बाढ़, भूकंप, सुनामी और तितली जैसे आपदाओं से घिरा हुआ है। उसी बीच वैज्ञानिकों का यह अनुमान की अब एक बार फिर धरती पर महाप्रलय आ सकती है, यह बहुत ही चिंता का विषय है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि अगर हम जल्द ही अपने कार्बन उत्सर्जन में कमी नहीं लाते हैं तो वो दिन अब दूर नहीं है जब पूरे देश में चित्कार की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। सारा देश पानी, अनाज जैसे आदि वस्तुओं का मोहताज़ हो जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति आंखों के सामने तिल-तिल कर मरता नजर आएगा। लेकिन हम कुछ नहीं कर पाएंगे और हम भी अपने मौत को अपनी तरफ बढ़ते हुए देखेंगे।

चिदंबरम के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई, 54 करोड़ संपत्तियां सीज

वैज्ञानिकों ने इस महाप्रलय के आने से पहले एक 'आखिरी चेतावनी' दी है और इसे संयुक्त राष्ट्र के इंटरगर्वनमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज यानी आईपीसीसी ने रिपोर्ट की शक्ल में जारी की है। जिसमें कहा गया है कि ख़तरे को कम करने के लिए तापमान वृद्धि को 1.5 डिग्री सेंटीग्रेट से कम पर रोकना होगा अगर हम ऐसा नही करते है तो धरती पर प्रलय आना एकदम निश्चित है। जिसके बाद वैज्ञानिकों ने कहा कि इसे रोकने के लिए हमें अभी से ही बहुत कुछ बदलना होगा। जिससे हम इस महाप्रलय पर काबू पा सके।

यौन उत्पीड़न के घेरे में आए मोदी के मंत्री ने इस्तीफा दे दिया?

भारत की भी होगी दयनीय स्थिति

सोपान जोशी कहते हैं,"भारत जैसे देश के लिए सबसे बड़ा संकट पानी का होगा। दुनिया की बहुत बड़ी आबादी इस उपमहाद्वीप में बसती है और उसकी जान मॉनसून नामक तोते में फंसी है। वैज्ञानिक बता चुके हैं कि मॉनसून में बारिश का ढर्रा बदल रहा है। अब रिमझिम बारिश के दिन कम हो रहे हैं। तेज़ बारिश के दिन बढ़ रहे हैं. यानी कम समय में ढेर सारा पानी गिर जाएगा। जो आपके तालाब, कुओं, नदी को भरने की बजाए बाढ़ का रूप लेगा। हम लगातार बाढ़ और सूखे का सामना करेंगे।"

कहर बनकर बरस रहा है तितली तूफान, 150 किमी की रफ्तार से...

नियंत्रण करने के उपाय

नियंत्रण करने के सवाल पर जोशी कहते है हमें उन सभी वस्तुओं के उपभोग से खुद को दूर रखना होगा जिससे कार्बन उत्सर्जन होता हो। चाहे वह गाड़ी हो या खाने-पीने के समान जैसे मांस।

... अब मिटता नज़र आएगा पाकिस्तान

loading...