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क्या पीएम मोदी को पता था की वो सत्ता में आने वाले है, पहले ही बना रखा था यह योजना

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव 2019 में प्रचंड बहुमत हासिल कर सत्ता में दूसरी बार आएं पीएम नरेंद्र मोदी ने अभी सत्ता भी नहीं संभाली थी की उससे पहले ही उन्होंने विदेश यात्रा पर जाने की योजना बना ली है। जिसमें किर्गीस्तान, जापान, फ्रांस और ब्राजील है। सूत्रों की मानें तो मोदी ने यह योजना सत्ता में दूसरी बार आने से पहले यानी की अपने पहले शासनकाल में ही बनाया था। क्या मोदी यह जानते थे कि वे 2019 में होनेवाले लोकसभा चुनाव में पुनः वापसी कर पाएंगे या सच में विपक्ष पार्टियों के अनुसार चुनाव में घालमेल है।

ऐसा कुछ नहीं है। दरअसल बात यह है कि पीएम मोदी के नये शासनकाल के शुरूआत के साथ ही शंघाई सहयोग संघठन की बैठक किर्गीस्तान में होने है। जो 14-15 जून को बिस्कोक में होगी। शंघाई शिखर सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बैठक में लंबे समय के बाद भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एक मंच पर होंगे। यह पहला मौका है जब दोनों देश के प्रधानमंत्री शिरकत करने एक मंच पर आएंगे। जब प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी और इमरान खान आमने-सामने होंगे। फिलहाल दोनों नेताओं की किसी अलग द्विपक्षीय मुलाकात की संभावनाओं पर कुछ नहीं कहा जा सकता। एससीओ सम्मेलन में जाने पर पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत अनेक नेताओं से भी मिलेंगे।

शंघाई सम्मेलन के महज़ दो सप्ताह बाद ही पीएम मोदी जापान के ओसका में होने वाली जी20 शिखर बैठक के लिए रवाना होंगे। जिसकी बैठक 28 और 29 जून को है। इस मंच पर पीएम मोदी की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और मेज़बान जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे समेत अनेक वैश्विक नेताओं से होगी।

आपको बता दें कि 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने अपनी विदेश यात्राओं की शुरूआत पड़ोसी मुल्क भूटान के दौरे से किया था। सूत्रों की माने तो इस बार भी अपने विदेश यात्रा की शुरूआत ‘पड़ोसी मुल्क’ से कर सकते है। जिसमें भूटान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देश शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार जुलाई तक पीएम मोदी कम से कम एक पड़ोसी मुल्क की द्विपक्षीय यात्रा भी करेंगे। बता दें कि श्रीलंका में इस साल के अंत तक चुनाव होने हैं, ऐसे में यह माना जा रहा है कि पीएम नई सरकार की आने के बाद श्रीलंका जाने को तरजीह दें जहां बिम्सटेक शिखर बैठक भी होना है।

इस बीच जुलाई-अगस्त में पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक बैठक भी होना है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी जीत के लिए भेजे बधाई संदेश में फ्रेंच राष्ट्रपति एमैन्यूल मैक्रों ने फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भी उन्हें बतौर खास मेहमान आने का निमंत्रण भी दिया है। इसलिए इस बात की प्रबल संभावना है कि फ्रांस के ब्यारिट्ज़ में होने वाली इस बैठक में भी पीएम बतौर विशेष अतिथि नेता के तौर पर शामिल होंगे। इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी चुनाव के पहले ही पीएम मोदी को वलादिवोस्टक में होने वाली ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम बैठक में शामिल होने का न्योता भेज चुके थे, जिसे लेकर पीएम मोदी ने मुलाकात का भी भरोसा भी जताया था। खबरों की माने तो पीएम मोदी सितंबर में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भी शरीक हो सकते हैं। हालांकि अभी इस बारे में निर्णय लिया जाना बाकी है।

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