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अय्यर के बयान से बीच भवर में फंसी राहुल की नैय्या!

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 का सियासी महासमर अंतिम पड़ाव पर है लेकिन नेताओं की बदजूबानी का सिलसिला अब भी जारी है। न सिर्फ जारी है बल्कि बदजूबानी का स्तर अब और नीचे जा रहा है। दरअसल, सात चरणों में हो रहे लोकसभा चुनाव के तहत छह चरण के चुनाव संपन्न हो चुके है, जबकि सातवें चरण में 19 मई को आठ राज्यों की 59 सीटों पर वोटिंग होनी है। इससे पहले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर एकबार फिर अपने 'नीच' बयान के साथ लौटे हैं।

एक ओर सियासी महासमर में अपनी चुनावी नैया पार लगाने की जद्दोजहद में जुटे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को क्या कुछ नहीं करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर एकबार फिर अपने 'नीच' बयान के साथ लौटे और जिस बयान के लिए 2017 में उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी, पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया था, अब उसी बयान को प्रमाण के साथ सही ठहराते हुए कांग्रेस की बची-खुची लोकप्रियता को भी दांव पर लगा दिया है।

दरअसल, साल 2017 में गुजारात विधानसभा चुनाव के दौरान अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए उन्हें ‘नीच आदमी’ की संज्ञा दी थी। हालांकि बयान पर बवाल के बाद उन्होंने माफी मांगी थी, लेकिन अब अपने उसी बयान को सही ठहराते हुए अय्यर ने एक लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने ‘नीच’ बयान को सही ठहराते हुए कहा कि 'याद है 2017 में मैंने मोदी को क्‍या कहा था? क्‍या मैंने सही भविष्‍यवाणी नहीं की थी?'

आब अय्यर की भविष्‍यवाणी पर आप खुद विचार करें, लेकिन उन्होंने जिस तरह से अपने ‘नीच’ बयान को सही ठहराने की कोशिश की है, उसे बीजेपी ने हाथों-हाथ लिया। नतीजा ये है कि 2017 की तरह 2019 में भी राहुल की सियासी गाड़ी पटरी पर आने से पहले ही बेपटरी होती दिख रही है। अय्यर के बायान पर फिलहाल कांग्रेस के पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं कि अंतिम चरण के चुनाव से पहले अय्यर ने बीजेपी के हाथ एक और बड़ा हथियार दे दिया है। 

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