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तो वित्त मंत्रालय को भी नहीं पता था कितना जमा हुआ है कालाधन?

नई दिल्ली: देश में नोटबंदी केबाद पकड़े गये कालेधन को लेकर केन्द्रीय सूचना आयोग (CIC) ने देश के वित्त मंत्रालय से जवाब तलब किया है। CIC ने वित्त मंत्रालय से आरटीआई के जरिये सूचना मांगी थी, जिसपर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।

बतादें कि साल 2016 नवंबर में नोटबंदी किये जाने के बाद से लगातार लोग RTI के जरिये जमा किये गये कालेधन का रिकॉर्ड मांग रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय सूचना आयोग ने भी कालेधन से जुड़ी जानकारी के लिए RTI के लगाई थी। लेकिन वित्त मंत्रालय नोटबंदी से जुड़ी जानकारी नहीं दे सका। जिसपर जुर्माना लगाया जा सकता है, लेकिन मुख्य सूचना आयुक्त आर. के. माथुर ने ने कहा कि आरटीआई कानून के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय पर जुर्माना नहीं लगाया है क्योंकि अधिकारियों ने आरटीआई आवेदन का जवाब देने में देरी के लिए विभाग से माफी मांग ली है।

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साल 2016 में नरेन्द्र मोदी सरकार ने नोटबंदी की थी, तब से लगातार बड़े पैमाने पर कालाधन पकड़ा जा रहा है, वहीँ नोटबंदी के बाद जमा किये गये कालेधन को लेकर जनता भी इन आकड़ों जानने के लिए उत्सुक है। ऐसे में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी जा रही है। वहीँ मंत्रालय द्वारा RTI के जवाब न देने पर माथुर ने कहा कि विभाग को केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) या संबंधित प्रमुख को भविष्य में सावधानी बरतने को कहा है और भविष्य में आरटीआई कानून की समयसीमा का अनुपालन करने को कहा है।

क्या है मामला

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साल 2016 में मोदी सरकार द्वारा की गयी नोटबंदी के बाद लगातार कालाधन रखने वालों के खिलाफ सरकार का चाबुक चला था। इस दौरान आईटी सहित जांच एजेंसियों ने देशभर में लाखों करोड़ रुपये का कालाधन पकड़ा गया था। जिसपर खालिद मुंदापिल्ली ने 22 नवंबर, 2016 को आरटीआई के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय से इस सवाल का जवाब मांगा था। मुंदापिल्ली के आवेदन का 30 दिन में जवाब नहीं दिया गया। वहीँ उसके बाद 9 जनवरी, 2017 को उन्होंने आयोग के पास पीएमओ की शिकायत गयी। मुंदपिल्ली ने आयोग को बताया कि पीएमओ द्वारा उनका मामला राजस्व विभाग के पास भेजे जाने के एक साल बाद भी उनके आरटीआई आवेदन का जवाब नहीं दिया गया है। जबकि विभाग द्वारा सम्बंधित सूचना 30 दिन के अंदर देने का निर्देश है। माना जा रहा है कि अधिकारियों के पास इसका कोई आकडा नहीं था ऐसे में अधिकारी कैसे सूचना देते? यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी विभागों द्वारा कई RTI का जवाब नहीं दिया गया है। 

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