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कई घंटों से जारी नाटक के बीच चिदंबरम पर कोर्ट का कठोर फैसला

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में इन दिनों भ्रष्टाचार पर भसड़ मची है। और भसड़ भी ऐसी की पूर्व गृह मंत्री और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को दिल्ली की राउज ऐवेन्यू कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया। लेकिन ये ममाला उतना भी आसान नहीं जितना आप समझ रहे हैं। आइए अब विस्तार से बताते हैं कि आखिर ये मामला है क्या और इसमे ऐसा क्या हुआ कि सालों के कानून की आंख में धूल झोंकने वाले चिदंबरम सलाखों के पीछे जा पहुंचे...

मामला कुछ यू हैं कि...

15 मई 2017 को  सीबीआई FIPB मंजूरी में अनियमिता मामले में FIR दर्ज करती है।

इसी मामले में भारत सरकार की एक और जांच एजेंसी ED मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करती है।

आरोप है कि साल 2007 में यूपीए सरकार के दौरान चिदंबरम ने गड़बड़झाला करवाया।

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करीब 305 करोड़ के इस मामले में इंद्रानी मुखर्जी भी एक मुख्य कड़ी हैं।

जिनके सरकारी गवाह बनने के बाद चिदंबरम की परेशानियां और बढ़ गई है।

इन्ही मामलों में करीब 20-22 बार पूछताछ कर चुकी जांच एजेंसियां मानती है कि चिदंबरम पूछताछम में सहयोग नहीं कर रहे, लिहाजा अब उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जरूरत है। और कोर्ट ने इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद चिदंबरम चराचर से अंतरध्यान हो गए और भ्रष्टाचार का ये मामला सियासी ड्रामे की ओर कुच कर गया। दरअसल, याचिका खारिज होने के बाद सीबीआई की टीम चिदंबरम की तलाश में उनके घर पहुंची, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। लिहाजा cbi उनके घर पर पर्ची चिपाकर लौट गई। इसके कुछ घंटे बाद ही चिदंबरम अपने कई कलिग्स के साथ मीडिया के सामने आकर अपनी मजबूरियों का बखान करते हैं।

बाइट

लेकिन टीवी पर चिदंबरम को देखते ही उनके तलाश में जुटी cbi की टीम कांग्रेस दफ्तर की ओर कुच कर गई। लेकिन तब तक शायद काफी देर हो चुकी थी, चिदंबरम कांग्रेस दफ्तर से भी गायब हो चुके थे। जिसके बाद बौखलाई cbi की टीम उनके घर पहुंची और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हो हंगामे के बीच नाटकिय अंदाम में पहले उन्हे हिरासत में लेकर cbi दफ्तर ले जाया गया। जहां कुछ देर बाद ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसकी अगली सुबह गुरुवार को चिदंबरम की कोर्ट में पेसी हुई, जहां से उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया...

अब जरा ये समझिए कि कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा...

CBI की मांग पर दिल्ली की राउज ऐवेन्यू कोर्ट ने चिदंबरम को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया

अब 26 अगस्त तक चिदंबरम सीबीआई की कस्टडी में रहेंगे

परिवार और वकीलों से मिलने के लिए हर दिन 30 मिनट का वक्त होगा।

कोर्ट का फैसले चिदंबरम के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है, तो वहीं मामले की जांच कर रही एक और सरकारी एजेंसी ईडी भी चिदंबरम के खिलाफ एक्शन का इंतजार कर रही है। चलते चलते आपको यह भी बता दें कि भ्रष्टाचार के मामले में किसी नेता की गिरफ्तारी कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन जिस तरह से पी. चिदंबरम की जबरन गिरफ्तारी हुई, उससे यह घटना, देश के उन ऐतिहासिक घटनाओं में सुमार हो गई जो भारतीय राजनीति के इतिहास से जुड़ेंगी। और सत्ता की ओट में भ्रष्टाचार का महल बनाने वालों के जेहन में डर की अलख भी जगा सकता है। लेकिन अब ये देखना और भी दिलचस्प होगा की मामले की आगे की कार्रवाई कैसी रहती है।

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