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इन 10 अध्यादेशों को कानून में बदलने की तैयारी मोदी सरकार, क्या विपक्ष देगा साथ

नोएडा : पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के शुरूआत के साथ ही 17 जून यानी सोमवार को बजटीय सत्र के पहले सत्र का आगाज होने जा रहा है, जिस दौरान ऐसे कई बिलों पर चर्चा होगी जिस पर देश दुनिया की नज़र बनी हुई है। क्योंकि इसमें कुछ ऐसे अध्यादेश भी है जो पिछले शासन के दौरान पास नहीं हो सका, जिसका विपक्षीयों ने पुरजोर विरोध किया था। हालांकि इस सत्र के शुरूआत के साथ ही पीएम मोदी ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिस दौरान तमाम नेता भी शामिल हुए। इसके बाद पीएम मोदी ने प्रेस को संबोधित करते हुए विपक्षी पार्टियों को भी यह संदेश देने की कोशिश की, कि वे संसद सत्र के दौरान बाध्यता उत्पन्न न करें। सहयोग दें, जिससे अधिक से अधिक बिल पास हो सकें।

हालांकि सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जन हित वाले किसी भी विधेयक का हम विरोध नहीं करेंगे। इस सत्र के दौरान किसानों की समस्या, बेरोजगारी एवं सूखे पर भी चर्चा होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने जम्मू – कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव कराए जाने की भी मांग की है, जहां फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है कि केंद्र राज्यपाल प्रशासन के जरिए राज्य की हुकूमत चलाना चाहता है। वहीं टीएमसी के ओब्रायन ने इस सत्र में महिला आरक्षण विधेयक लाए जाने की मांग की जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई सीटों पर आरक्षण देने की बात कहता है।

बता दें कि ये सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलेगा। सत्र के पहले दो दिनों में आज और कल यानि 17 और 18 जून को नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई जायेगी। बीरेंद्र कुमार को औपचारिक तौर पर लोकसभा प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। परम्परा के मुताबिक आज सुबह राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, बीरेंद्र कुमार को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलवाएंगे। चूंकि प्रोटेम स्पीकर का मुख्य काम सभी सदस्यों को शपथ दिलाना है, इसलिए उनकी अनुपस्थिति में इस काम को निपटाने के लिए 3 और लोगों की नियुक्ति की गई है। इनमें बृजभूषण शरण सिंह, भर्तृहरि महताब और के सुरेश शामिल है।

लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 19 जून को होना है। इसके साथ ही राष्ट्रपति लोकसभा और राज्यसभा दोनों की संयुक्त बैठक को 20 जून को संबोधित करेंगे। आर्थिक सर्वें 4 जुलाई को पेश किया जायेगा और इसके अगले दिन बजट पेश किया जायेगा। इस सत्र में कुल 30 बैठकें होने है। बता दें कि यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट होगा, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेगी।

इन अध्यादेशों पर रहेगी नज़र

तीन तलाक पर प्रतिबंध संबंधी अध्यादेश के अलावा अन्य अध्यादेशों में भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) अध्यादेश, कंपनी (संशोधन) अध्यादेश, जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) अध्यादेश, आधार और अन्य कानून (संशोधन) अध्यादेश, होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) अध्यादेश, विशेष आर्थिक क्षेत्र (संशोधन) अध्यादेश, केंद्रीय शैक्षिक संस्थान (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अध्यादेश और नयी दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र अध्यादेश, शामिल हैं।

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