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शाह बोले- हम हिंसा करते तो सिर्फ बंगाल में नहीं पूरे देश में होती...

नई दिल्ली: कोलकाता में रोड शो के दौरान भड़की हिंसा के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ममता बनर्जी को जिम्मेदार बता रहे हैं तो ममता बनर्जी हिंसा का ठीकरा अमित शाह के सिर फोड़ रही हैं। मंगलवार को भड़की हिंसा के बाद बुधवार को शाह ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि बंगाल में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है जबकि इससे पहले ममता की पार्टी टीएमसी ने वीडियो जारी कर हिंसा के लिए बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए।

बंगाल में हिंसा और खास तौर पर वोटिंग के दौरान हिंसक घटनाओं का इतिहास देखते हुए चुनाव आयोग हर चुनाव से पहले प्रायाप्त सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाती है, लेकिन बंगला के राजनीतिक गुंडों के सामने आयोग की सरी व्यवस्था चरमारा सी जाती है। पंचायात चुनाव हो या विधानसभा का चुनाव या फिर लोकसभा का चुनाव ही क्यों न हो बंगाल में हर चुनाव पर हिंसा हावी रही है।

बंगाल में वोटिंग के दौरान संभावित हिंसा का अनुमान लगाते हुए चुनाव आयोग ने राज्य की 42 सीटों को सात चरणों में बांट दिया। अब तक छह चरण में राज्य की 33 सीटों के लिए वोटिंग हो चुकी है जबकि सातवें और आखिरी चरण में 9 सीटों पर वोटिंग होनी है। हालांकि इसके बाद भी सभी छह चरण की वोटिंग के दौरान बंगाल में हिंसा का बोलबाला रहा। वहीं सातवें चरण की वोटिंग से पांच दिन पहले ही हिंसा का खतरनाक खेल चरम पर है।

सातवें चरण की वोटिंग से पहले बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच एलाने जंग छिड़ी है। मंगलवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कोलकाता में रोड शो का प्रचंड आरंभ किया। शाह के रोड शो में भारी संख्या में भगवा समर्थक भी उमड़े। लेकिन रोड शो शुरू होने के कुछ समय बाद ही हिंसा शुरू हो गई। जिसके कराण शाह का काफिल बीच में ही रोक दिया गया। शाह को गनतव्य से पहले ही रोड शो खत्म करना पड़ा।

रोड शो के दौरान भड़की हिंसा के लिए बीजेपी और टीएमसी एक दूसरे को जिम्मेदार बता रही है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए शाह ने कहा कि अगर हम (बीजेपी) हिंसा करना चाहते तो पूरे देश में हिंसा होती, देश के हर राज्य में हिंसा होती। लेकिन हिंसा सिर्फ बंगाल में हो रही है और इसकी जिम्मेदार ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी है। शाह ने कहा कि मेरे रोड शो के दौरान तीन बार हमला किया गए। वहां हिंसा को रोकने का कोई इंतजाम नहीं था। कल की घटना चिंताजनक है।

बता दें कि हिंसा के दौरान विद्यासागर कॉलेज में बनी ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा भी तोड़ दी गई। टीएमसी का आरोप है कि विद्यासागर की प्रतिमा बीजेपी समर्थकों ने तोड़ी है जबकि शाह का आरोप है कि विद्यासागर की प्रतिमा बीजेपी नहीं बल्कि टीएमसी समर्थकों ने तोड़ी है। शाह ने दावा किया हिंसा के दौरान कॉलेज का गेट बंद था तो मूर्ति किसने तोड़ी? अंदर कौन गया? हमारे कार्यकर्ता तो सड़क पर थे।

शाह ने कहा कि मैंने बंगाल की जनता के आक्रोश को देखा है। ममता दीदी ने वहां जैसी स्थिति बनाई है, उसे जनता स्वीकार नहीं कर सकती। अब बंगाल की जनता ममता जी को हटाने का मन बना चुकी है और मैं पूरी तरह आश्वस्त हूं कि इस बार बंगाल में बीजेपी 23 से अधिक सीटें जीतने जा रही है। साथ ही शाह ने कहा कि मुझ पर एफआईआर दर्ज की गई है। लेकिन ममता दीदी हम बीजेपी वाले आपकी एफआईआर से नहीं डरते।

उन्होंने कहा कि, हमारे 60 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की जान आपके गुंडों ने ले ली है लेकिन हमने अपना अभियान नहीं रोका। उन्होंने कहा कि अगर आप ये संदेश देना चाहती हैं कि मुझ पर एफआईआर करने से बीजेपी कार्यकर्ता डर जाएंगे तो मैं आपको सुनिश्चित करता हूं कि बीजेपी का कार्यकर्ता और वहां की जनता सातवें चरण में और भी ज्यादा आक्रोश के साथ आपके खिलाफ मतदान करने जा रही हैं। साथ ही शाह में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कि अगर समय पर सीआरपीएफ नहीं पहुंचती तो मेरा बचना मुश्किल था।

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