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2019 से पहले कट सकता है इन दलितों का टिकट, नए ठिकानों की अब हो रही है तलाश

नई दिल्ली:- 2019 का चुनाव में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी पार्टी में मौजूद 150 से ज्यादा सांसदों का टिकट काटन का फैसला लेने वाली है। इन सांसदों में बहुत से दलित सासंद मौजूद है। लोकसभा में उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा 80 सांसद चुन के आते है। यूपी के मौजूद हालत की बात करे तो बीजेपी के 71 सांसदों में 17 सांसद दलित है। इनमें से कई सांसद ऐसे है जिनपर बीजेपी बड़ा फैसला ले सकत है।

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वहीं पार्टी की तरफ से कोई एक्शन लिया जाए इससे पहले ही सांसदों ने अपना ठिकाना ढूंढना शुरू कर दिया है और दलित के मुद्दे पर पार्टी का विरोध कर रहे है। इन सांसदों में शामिल है साबित्री बाई फूले, छोटेलाल खरवार, अशोक दोहरे और यशवंत सिंह शामिल। खबर है कि इन में से कई सांसद बीएसपी की करीब जाने की कोशिश कर रहे है। आपको बता दे कि, अखिलेश का साथ पाकर प्रदेश में मायावती ताकतवर हो रही हैं।

राज्य में टिकट कटने वालों में केंद्रीय मंत्री उमा भारती, पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, कलराज मिश्रा के नाम पहले से ही चल रहे हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी करीब आधे सांसदों का टिकट काटेगी। इस लिहाज से यह आंकड़ा 35-36 तक हो सकता है। बीजेपी उन सांसदों का टिकट काटेगी जो जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके हैं।

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इन सांसदों का कट सकता है टिकट

लालगंज की सांसद नीलम सोनकर,

मिशरिख सांसद अंजू बाला,

हरदोई सांसद अंशुल वर्मा,

 माछलीशहर सांसद रामचंद्र निषाद

किस सांसद ने पार्टी पर क्या आरोप लगाएं

यूपी के नगीना संसदीय सीट से बीजेपी सांसद डॉ. यशवंत सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अप्रैल 2018 में खत लिखकर देश के 30 करोड़ दलितों की उपेक्षा करने का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने लिखा था कि केंद्र सरकार ने चार सालों में इस समुदाय के लिए कुछ नहीं किया।

इटावा से बीजेपी के ही दलित सांसद अशोक दोहरे ने आरोप लगाया था कि योगी आदित्यनाथ की सरकार दलितों को घरों से बाहर निकालकर पिटवाती है। उन्होंने दलित युवकों पर फर्जी तरीके से रासुका केस लगाने का आरोप लगाया था।

रॉबर्ट्सगंज के दलित सांसद छोटेलाल खरवार ने पीएम नरेंद्र मोदी को खत लिखकर सीएम योगी आदित्यनाथ की शिकायत की थी।

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एससी एक्ट को कमजोर करने के तथाकथित आरोपों पर बिफरी दलित सांसद सावित्री बाई फूले ने लखनऊ में बागी तेवर दिखाते हुए विशाल रैली की थी।

बहराइच की इस सांसद ने खुले तौर पर कहा था कि वो सांसद रहें या नहीं लेकिन एससी-एसटी समुदाय का आरक्षण खत्म होने नहीं देंगी।

पार्टी से जुड़े लोगो बताते है कि इन दोनों सांसदों पर गाज़ गिरना तय है। और इस लिए ये सांसद अपने लिए नए ठिकाने की तलाश में जुट गए हैं।

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