Breaking News
  • काबूल: PD6 इलाके में डिप्टी सीईओ के घर के पास कार धमाका, 10 लोगों के मारे जाने की खबर
  • सावन का तीसरा सोमवार आज, शिवालयों में भक्तों की लंबी कतार
  • आज शाम 7.30 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का संबंधोन
  • इसरो के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर यूआर राव का निधन- पीएम मोदी ने जताया दुख
  • महिला विश्व कप 2017: फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 9 रनों से हराया

तो चीन को ऐसे सबक सिखाने जा रहे हैं पीएम नरेन्द्र मोदी!


नई दिल्ली/बीजिंग: भारत चीन सीमा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सिक्किम बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच लगातार तनाव बढ़ता ही जा रहा है। वहीँ पूरे मामले पर चीन के अड़ियल रुख के आगे इसबार भारत ने भी सख्ती दिखाना शुरू कर दिया है। भारत ने साफ़ कर दिया कि इसबार का भारत पीछे हटने वाला नहीं है।

पिछले दिनों से सिक्किम बॉर्डर पर भारत चीन के बीच बना तनाव अब युद्ध की धमकी पर आ गया है। चीन की धमकी के बाद अब भारत ने भी इस मामले पर अपना रुख साफ करते हुए कह दिया है कि वो पीछे हटने वाले नहीं हैं। भारत के रक्षामंत्री ने पहले ही चीन को कड़ा सन्देश देते हुए साफ़ कर दिया था, की चीन 1962 के भारत की ग़लतफ़हमी में न रहे। भारत के रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत किसी भी हाल में अपनी सेना को पीछे करने वाला नहीं है, साथ ही उन्होंने कहा कि चीनी सेनाओं को वापस उसी जगह पर जाना चाहिए, जहां वे पहले मौजूद थीं। चीन को अपनी मर्यादा में रहकर सीमा विवाद का हल निकालना होगा।

HAPPY BIRTHDAY रणवीर सिंह, पढ़िए कुछ खास बातें...

मंत्री ने कहा की कि चीन को भूटान के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूटान क्षेत्र में घुसने की वजह से हमारी सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं। रक्षामंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि यह तनाव डिप्लोमैटिक लेवल पर ही खत्म हो सकता है। वहीँ सेना पीछे हटाने के मुद्दे पर चीन को ही विचार करना होगा। भारत हर मुश्किल और कूटनीति के लिए हमेशा तैयार रहता है। वहीँ चीन पीएम नरेन्द्र मोदी की इजरायल यात्रा से भी चिढ़ा हुआ है। इजरायल ने चीन को जोर का झटका दिया है।

आज खुलेगा अरविन्द केजरीवाल का हर राज, 16 हजार पन्नों के सबूत ला रहे हैं कपिल !​  

भारत-इजरायल के बीच 7 समझौतों से बदलेगी दुनिया की तस्वीर !​

बता दें कि चीन ने किसी भी वार्ता से इनकार कर दिया है, सीमा विवाद को लेकर चीन ने कहा कि विवाद सुलझाना भारत पर निर्भर है। भारत में चीन के राजदूत लू झाओहुई ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि था गेंद भारत के पाले में है और भारत को यह तय करना है कि किन विकल्पों को अपनाना चाहता है।

loading...