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आजम का भैंस खोजने वाली पुलिस ही ले उड़ी ‘इज्जत की भैंस’

नोएडा: सत्ता की शक्ति में चूर लोग पुलिस को अपना गुलाम और कानून को रखैल समझते रहे हैं। ऐसे लोग अक्सर भूल जाते हैं कि सरकारें बदली है तो रवायते भी बदल जाती है, राज करने वाले राजा को भी से सवाल-जावाब से गुजरना पड़ता है, उसके उत्ताधिकारी को भी जेल की हवा खानी पड़ती है... आइए देखिए एक सत्ता की सनक और बदलते रवायत पर एक खास रिपोर्ट।

संसद से सड़क तक अपने लाजवाब अलफाजों के लिए मशहूर आजम खान यूपी की सियासत में क्या स्थान रखते हैं पूछिए मत...देखिए...कि जब यूपी में अखिलेश यादव यानी समाजवादियों की सरकार थी तब यही रामपुर की पुलिस रात में लालटेन लिए उनकी भैंस तक खोजती थी, और आज दिन ऐसे फिरे कि उसी रामपुर की पुलिस रामपुर में ही आजम की इज्जत वाली भैंस खोल ले गई...और खान कुछ नहीं कर सके, गले में आवाज तो हैं बुलंदी वाली नहीं।

दरअसल, आजम खान किताब चोरी से लेकर जमीन हड़पने तक के मामले में आरोपी है। सांसद महोदय के माननिय विधायक बेटे अब्दुल्ला आजाम को 24 घंटे में पुलिस दो बार हिरासत में लेती है और सरकारी जीप में ठूसकर थाने ले जाती है...इस नजारे के देख पूरा रामपुर उबाल मारने लगा, लोगों को पता नहीं चला उनका रामपुर कब रामगड़ में बदला गया और भष्टाचार की आंच इलाके के सियासी ठाकुर आजम खान के दामन की ओर बढ़ चली।

लिहाजा उसकी पलटन ने मोर्चा खोल दिया था। अब एक तरफ पुलिस थी और दूसरी तरफ आजम के लिए खड़ समाजवादियों की उग्र होती टोली। आजम खान के जौहर यूनीवरसीटी से लेकर सड़क तक आजम प्रेमियों ने पुलिस से संग्राम छेड़ दिया, और समाजवादी पार्टी जमीन के घपले से लेकर किताब चोरी के मामले तक में आजम के साथ खड़ी रही, क्योंकि अखिलेश यादव खुद ही सरकारी बंगले से टोटी चुराने के आरोपी रह चुके हैं।

लेकिन रामपुर में पुलिस से पंगा पंच मारने लगा। पुलिस को पहले से अंदेश था कि आजम अपनी सियासी ताकत दिखा सकते हैं, इसलिए उसने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जहां देखा वहीं से बसों में ठूस कर सीधे शहर से बार टूर पर भेज दिया..

बता दें कि आजम खान के खिलाफ केस की फाइल दिनों दिन मोटी होती जारी है, यूनिवर्सिटी की जमीन और ऐसिहासिक किताबों की चोरी में आजम की गर्दन फंसी है, तो बेटे सरकारी कामजकाज में बाधा और पास्पोर्ट में फर्जीवाड़े को लेकर फंसे हैं।

इस बीच गुरुवार को जिले से लेकर सूबे की निगाहे रामपुर पर टिकी थी, पल-पल की खबर लकनऊ पहुंच रही थी। हालात का अंदाजा ऐसे लगा सकते हैं कि एक शहर के हंगामें पर जबाव देने के लिए खुद डीजीपी हाजीर हुए।

आपको बता दें कि हाल ही में पुलिस ने आजाम की यूनिवर्सिटी में छापेमेरी की, सासंद महोदय के माननिय विधायक को सरकारी जीप में ठूस कर ले जाया गया,  और आजम खान कहते हैं क्या मैं चोर हूं, पुलिस वाले पूरी यूनिवर्सिटी लूट ले गए, सारी ऐतिहासिक किताबें लूट गई, 200 साल पूराना महाभारत, कुरान, गीता सब ले गए, इतनी महंगी कीताबें बेच दे तो पुलिस वालों नौकरी की जरूरत नहीं...लेकिन जारा इधर भी सुनिए ये किताबे आजम के पास कहा से आए।

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