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क्या केंद्र सरकार करवा रहीं हैं आलोक वर्मा की जासूसी? किससे डर रहीं हैं केंद्र सरकार !

नई दिल्ली : आज एक बार फिर केंद्र सरकार पर कई सवालों के घेरे में नज़र आ रहीं हैं। जिस प्रकार राकेश अस्थाना द्वारा घुस लेकर मुकदमे को मोड़ने का आरोप लगा, उसके बाद अस्थाना द्वारा आलोक वर्मा पर आरोप लगाना कि वे भी संदिग्ध है। फिर, दोनों सीबीआई अधिकारियों को छुट्टि पर भेजना उसके बाद उन सभी अधिकारियों का तबादला करना जो अस्थाना केस पर सर्च कर रहें थे और अब वर्मा के घर के बाहर चार आईबी अधिकारियों द्वारा संदिग्ध गतिविधियां करते पाया जाना। इन सभी को वर्मा के सुरक्षागार्डों द्वारा पकड़ा जाना और दिल्ली पुलिस को सौंपना, जिसके पास आईबी के कार्ड का मौजूद होना।

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अभी ये प्रमाणित नहीं हो पाया है कि ये सभी अधिकारी आईबी के ही सदस्य है। इनके पास से सिर्फ आईबी का कार्ड पाया गया हैं जिसमें नाम और पोस्ट का जिक्र हैं। लेकिन अभी इस कार्ड को प्रमाणित करना बाकी हैं कि क्या यह सच में आईबी का कार्ड हैं। अगर ये आईबी के अधिकारी हैं तो ये आलोक वर्मा के घर के बाहर क्या कर रहें थे। क्या उन्हें यह डर हैं कि वर्मा के पास कुछ ऐसे सुबूत हैं जिससे वो सरकार या अस्थाना को हानि पहुंचा सकते हैं। अगर उन्हें आलोक पर संदेह हैं तो वे उसके घर पर वरिष्ठ अधिकारियों से आदेश लेकर छापा मार सकते थे, लेकिन ऐसी क्या वज़ह थी कि वे आलोक के घर के बाहर संदिग्ध गतिविधियां कर रहें थे। आपको बता दें कि अस्थाना पीएम मोदी के सबसे करीबी अधिकारियों में एक माने जाते हैं।

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पीएम मोदी पर आरोप

विभिन्न विपक्षी पार्टियों द्वारा पीएम मोदी पर यह आरोप लगाया जा रहा हैं कि वर्मा के हाथ राफेल संबंधित कुछ ऐसे दस्तावेज लगे हैं जिससे केंद्र सरकार मुसीबत में पड़ सकती हैं। आप सभी यह जानते हैं कि एक बार सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सरकार के हाथ का तोता कहा था और विभिन्न विपक्षियों पार्टियों द्वारा भी यह आरोप लगाया जा रहा हैं कि सीबीआई केंद्र सरकार के हाथ की कठपुतली हैं। यानी जिसकी सरकार केंद्र में होती है वो उसके हाथ की कठपुतली होती हैं। इसललिए सीबीआई द्वारा बार-बार स्वतंत्र कहने के मांग को भी नकार दिया जाता रहा। अब देखना यह हैं कि वर्मा द्वारा जारी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट क्या निर्णय देती है। सीबीआई का यह केस दिन-प्रतिदिन और भी उलझता जा रहा है। आशा हैं कि जल्द ही पर्दे पर पड़ा धूल साफ हो और केंद्र सरकार अपनी छवि साफ साबित कर सकें।

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