Breaking News
  • काबूल: PD6 इलाके में डिप्टी सीईओ के घर के पास कार धमाका, 10 लोगों के मारे जाने की खबर
  • सावन का तीसरा सोमवार आज, शिवालयों में भक्तों की लंबी कतार
  • आज शाम 7.30 बजे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का संबंधोन
  • इसरो के पूर्व प्रमुख प्रोफेसर यूआर राव का निधन- पीएम मोदी ने जताया दुख
  • महिला विश्व कप 2017: फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 9 रनों से हराया

राष्ट्रपति चुनाव पर मीरा कुमार: दलित VS दलित नहीं वैचारिक लड़ाई है यह!


नई दिल्ली: विपक्ष और यूपीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार ने आज कहा कि राष्ट्रपति चुनाव को दलित बनाम दलित की लड़ाई से नहीं देखा जाना चाहिए। यहाँ सिर्फ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं।  

Whatsapp फीचर्स में बदलाव- बदल देगा चैटिंग का अंदाज

राष्ट्रपति चुनाव में वैचारिक लड़ाई लडऩे की बात करते हुए विपक्षी प्रत्याशी मीरा कुमार ने कहा कि चुनाव को दलित बनाम दलित के बीच की के रूप में नहीं देखना चाहिए। मीरा कुमार ने अफ़सोस जताते हुए कहा कि कुछ लोग राष्ट्रपति चुनाव में दलित बनाम दलित की लड़ाई के रूप में ले रहे है।

पीएम नरेन्द्र मोदी का IAS अधिकारियों को गुरुमंत्र- व्यवस्था परिवर्तन के लिए गतिशील बदलाव की आवश्यकता!

जोकि बेहद गलत है। उन्होंने कहा कि हम इतने बड़े पद के लिए ऐसी सोच को कैसे पाल सकते हैं। मीरा कुमार ने कहा कि क्या हमारी सोच आधुनिक समय से मेल खाती है? क्या यह उस प्रगति से मेल खाती है जिसकी परिकल्पना हम अपने देश के लिये करते हैं? 

किसके बाप का है ‘भारत’! ऐसे सावल-जवाब से पहले इन्हें शर्म क्यों नहीं आती..

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के चुनाव को दलित बनाम दलित के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि वह इस चुनाव में वैचारिक लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि वह सिर्फ राष्ट्रपति के चुनाव पर वैचारिक लड़ाई लड़ रहीं है। अगर इसे जातीय तरीके से देखा जाएगा तो इसका असर देश पर पड़ेगा। 

loading...