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राष्ट्रपति चुनाव पर मीरा कुमार: दलित VS दलित नहीं वैचारिक लड़ाई है यह!

नई दिल्ली: विपक्ष और यूपीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार ने आज कहा कि राष्ट्रपति चुनाव को दलित बनाम दलित की लड़ाई से नहीं देखा जाना चाहिए। यहाँ सिर्फ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं।  

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राष्ट्रपति चुनाव में वैचारिक लड़ाई लडऩे की बात करते हुए विपक्षी प्रत्याशी मीरा कुमार ने कहा कि चुनाव को दलित बनाम दलित के बीच की के रूप में नहीं देखना चाहिए। मीरा कुमार ने अफ़सोस जताते हुए कहा कि कुछ लोग राष्ट्रपति चुनाव में दलित बनाम दलित की लड़ाई के रूप में ले रहे है।

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जोकि बेहद गलत है। उन्होंने कहा कि हम इतने बड़े पद के लिए ऐसी सोच को कैसे पाल सकते हैं। मीरा कुमार ने कहा कि क्या हमारी सोच आधुनिक समय से मेल खाती है? क्या यह उस प्रगति से मेल खाती है जिसकी परिकल्पना हम अपने देश के लिये करते हैं? 

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उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के चुनाव को दलित बनाम दलित के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि वह इस चुनाव में वैचारिक लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि वह सिर्फ राष्ट्रपति के चुनाव पर वैचारिक लड़ाई लड़ रहीं है। अगर इसे जातीय तरीके से देखा जाएगा तो इसका असर देश पर पड़ेगा। 

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