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जिसने पुरे देश को हिला दिया अब वही पीएम मोदी पर उठा रहा उंगलियां....

NEW DELHI:- नोटबंदी का फार्मूला देने वाले देश के मशहूर अर्थशास्त्री अनिल बोकिल ने मोदी सरकार पर मिली-जुली राय दी दी है। अनिल बोकिल ने कहा कि पीएम  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने के लिए नोटबंदी को ठीक तरीके से लागू नहीं किया। अनिक बोकिल ‘अर्थक्रांति’ नाम के संगठन के संस्थापक हैं।

सरकरार ने सही तरीके से लागू नहीं किया

अनिल ने दावा किया कि उन्होंने ही सरकार को नोटबंदी का सुझाव दिया था। अनिल ने कहा कि सरकार ने उनका सुझाव माना तो सही लेकिन पूरे तरीके से नहीं। अनिल ने कहा कि वह आने वाले दिनों में फिर से पीएम मोदी से मिलने वाले हैं लेकिन अभी पीएमओ ने उनकी मुलाकात के लिए वक्त तय नहीं किया है।

जुलाई में पीएम से हुई थी मींटिग

अनिल के बताया कि उन्होंने जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मीटिंग की थी और नोटबंदी का सुझाव दिया था। अनिल का दावा है कि उन्होंने सरकार को कुल पांच प्वाइंट बताए थे लेकिन सरकार ने उनमें से सिर्फ दो को ही लागू किया। अनिल का मानना है कि उसकी वजह से ही लोगों को परेशानी हो रही है।

बोकिल ने सरकार को दिए थे पांच सुझाव

  • केंद्र या राज्य सरकारों के साथ-साथ स्थानीय निकायों द्वारा वसूले जाने वाले डायरेक्ट या इन डायरेक्ट, सभी टैक्सों का पूरी तरह खात्म किया जाए।
  • ये टैक्सेज बैंक ट्रांजैक्शन टैक्स (बीटीटी) में बदले जाने थे इसके अंतर्गत बैंक के अंदर सभी प्रकार के लेनदेन पर लेवी (2 फीसदी के करीब) लागू होती। यह प्रक्रिया सोर्स पर सिंगल पॉइंट टैक्स लगाने की ही होती है. इससे जो भी पैसे मिलते उसे सरकार के खाते में विभिन्न स्तर पर (केंद्र, राज्य, स्थानीय निकाय आदि के लिए क्रमशः 0.7फीसदी, 0.6फीसदी, 0.35फीसदी के हिसाब से) पर बांट दिया जाता। इसमें संबंधित बैंक को भी 0.35 फीसदी हिस्सा मिलता, हालांकि, बीटीटी रेट तय करने का हक वित्त मंत्रालय और आरबीआई के पास ही होता।
  • कैश ट्रांजैक्शन (निकासियों) वालों पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाए।
  • सभी तरह की ऊंचे मूल्य की करंसी (500 रुपए से ज्यादा की मुद्रा) वापस बाजार से ले लिए जाएं।
  • सरकार बैंक से कैश ट्रांजैक्शन की सीमा 2000 रुपए तक किए जाने के लिए कोई कानूनी प्रावधान बनाए।

बोकिल का कहना है कि इन सुझावों को छोड़कर सरकार ने सिर्फ विमुद्रीकरण वाला प्रस्ताव ही लिया और उसे देश पर लागू किया, जिससे देश में ऐसा माहौल बना।