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इसी हेलीकॉप्टर से मारा गया था ओसामा बिन लादेन, भारतीय वायुसेना में शामिल

नई दिल्ली: बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर चिनूक (Chinook) आज भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल हो चुका हैं। अमेरिका के हेवीलिफ्ट चिनूक सीएच-47 हेलीकॉप्टर अतुलनीय रणनीतिक एयरलिफ्ट की क्षमता के साथ राहत सामग्री पहुंचाने और बड़ी संख्या में लोगों को आपदा से बचाने की क्षमता से है परिपूर्ण है।

इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों, उपकरणों और ईंधन के लिए किया जाता है। चिनूक के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद पाकिस्तानी सीमा भारतीय सेना की ताकत और भी मजबूत होगी। बता दें कि इसी हेलीकॉप्टर की मदद से अमेरिका ने आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन के खिलाफ ऑपरेशन किया था, जिसमें उसकी मौत हुई थी।

इस आधुनिक हेलीकॉप्टर का निर्माण अमेरिकी कंपनी बोइंग ने किया है। बताया जाता है कि भारत-अमेरिका से ऐसे 15 हेलीकॉप्टर खरीद रहा है, हालांकि फिलहाल 4 हेलीकॉप्टर भी भारत आए हैं। जानकारों के अनुसार, ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में यह हेलिकॉप्टर काफी कारगर साबित हो सकता है।

इस हेलिकॉप्टर की एक सबसे बड़ी खासियत है कि यह छोटे से हेलिपैड और घाटी में भी लैंड कर सकता है। यह दुनिया के 19 देशों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। एकीकृत डिजिटल कॉकपिट मैनेजमेंट सिस्टम से लैस चिनूक में कॉमन एविएशन आर्किटेक्चर कॉकपिट और एडवांस्ड कॉकपिट जैसी विशेषताएं भी हैं। इस हेलिकॉप्टर में एक बार में गोला बारूद, हथियार के अलावा सैनिक भी जा सकते हैं। इसे हेलिकॉप्टर को रडार से पकड़ पाना भी मुश्किल है।

यह हेलिकॉप्टर अपने साथ भारी मशीनों व तोपों भी ले जाने में सक्षम है। चिनूक 10 टन तक के वजन के साथ 20000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है। हवा में 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने की क्षमता वाले इस हेलिकॉप्टर की ऊंचाई 18 फीट और चौड़ाई 16 फीट है। इसे दो पायलट उड़ा सकते हैं।

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