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‘बीआरपी’ प्रेशर में काम कर रहीं हैं मीडिया :- पटेल, कसा पीएम मोदी पर तंज

नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने पीएम मोदी के शासन काल कड़ा प्रहार किया हैं। उन्होंने पीएम मोदी के शासन काल की तुलना अघोषित आपातकाल करते हुए कहा कि हमने तो इंदिरा गांधी के सरकार में लगे इमरजेंसी के लिए आप सभी से मांग ली हैं। लेकिन जो अघोषित आपातकाल 2014 से लागू है, उसका क्या। पटेल ने कहा कि मोदी के शासनकाल में प्रेस की आजादी छिन सी गई है। उनके स्वच्छंद लेखन पर सरकार ने पाबंदी लगा कर रख दी हैं। ये मीडिया सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी के गुणगान पर लगी हुई है।

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अहमद पटेल ने कहा कि, 'वर्तमान देश बेहद ही नाजुक दौर से गुजर रहा है, जो कि मीडिया के लिए बड़ी चुनौती है। पिछले 20 सालों में करीब 47 पत्रकार को मारा गया, चाहे उनका कत्ल नक्सलियों ने किया हो, आतंकियों ने किया या फिर अनेकों तरह के माफियाओं ने किया हो। लेकिन उनकी हत्या हुई। जबकि 2014 से अब तक 20 पत्रकार मारे गए है। ये हत्याएं छत्तीसगढ़, कश्मीर, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में हुईं और क्यों हुईं ये सभी को पता है।' उन्होंने कहा, 'अगर पत्रकार पर दबाव डाला जाता है तो ऐसे में लोकतंत्र को बचा पाना मुश्किल है। पत्रकारों पर अपने हित में काम करवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। करीब 200 एजेंसी के लोग मीडिया को मॉनिटर कर रहे हैं। ये पीएमओ के पास रिपोर्ट भेजते हैं और वहां से फोन आता है कि देख लीजिए क्या करना है।'

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अघोषित आपातकाल का जिक्र करते हुए पटेल ने मोदी पर निशाना साधा और कहा, 'मुझे स्वीकार करना चाहिए कि दो डार्क पैच हैं, एक आपातकाल और दूसरी 2014 के बाद अघोषित आपातकाल, हमने तो माफी मांग ली, इंदिरा जी ने माफी मांग ली और ये भी वादा किया कि भविष्य में कभी ये गलती नहीं की जाएगी। लेकिन ये अघोषित आपातकाल जो है उसका क्या किया जाए?' उन्होंने कहा कि आज मीडिया पर बीआरपी यानी 'बीजेपी रूल प्रेशर' की ज्यादा चिंता है। इसकी वजह से सही बात जहां पहुंचनी चाहिए वहां नहीं पहुंची। नोटबंदी इसका एक उदाहरण है. सरकार कहती है कि इकॉनोमी बेहतर स्थिति में है लेकिन जमीन पर जाकर आप अध्ययन करेंगे तो पाएंगे कि जीडीपी को किस प्रकार तोड़-मरोड़ कर रखा गया है। यही कारण है कि आज युवा और किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।

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पटेल ने कहा कि मीडिया को राष्ट्रहित में काम करना चाहिए चाहे उसके लिए कांग्रेस का गलत भी दिखाना क्यों न पड़े। घोषणापत्र बीजेपी की घोषणापत्र की तरह नहीं होता, पीएम मोदी के वादों की तरह नहीं होता। मैं आपका वकील बनकर आपका काम करूंगा।

by : Amit kumar ranjan

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