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मौत के बाद भी पीछा नहीं छोड़ेगा आधार कार्ड

केंद्र की सत्ताधारी नरेंद्र मोदी सरकार लगभग सभी सरकारी क्षेत्र में आधार कार्ड को अनिवार्य करने के प्रयास की ओर अग्रसर है, हालांकि सरकार के इस फैसले पर कई तरह के सवाल पहले ही खड़े किए जा चुके हैं, यहीं नहीं मामला अदलात तक भी पहुंच चुका है। इस बीच आपको एक और जानकारी देने जा रहे हैं जहां आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एक अक्‍टूबर से मृत्‍यु प्रमाण पत्र के लिए भी सरकार ने आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। सरकार के इस फैसले के लागू होने के बाद मृत्‍यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदकों को मृत व्‍यक्ति का आधार नंबर देना जरूरी होगा। इस फैसले को लेकर सरकार का कहना है कि इससे पहचान को लेकर होने वाले फ्रॉड की घटनाओं पर लगाम लगेगी।

इसके अलावा आधार कार्ड की मदद से मृत व्‍यक्ति के संबंध में सटीक जानकारी मिलेगी, और साथ ही आधार से मृत व्‍यक्ति की पहचान को रिकॉर्ड करना भी आसान होगा। आधार कार्ड के अनिवार्य किए जाने से आवेदकों को कई तरह के कागजी काम से राहत मिलेगा, लेकिन आवेदक को आधार के साथ ही प्रमाण पत्र के लिए मांगी गई अन्‍य जानकारियां भी देनी होंगी।

बताया जा रहा है कि मृत्‍यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों के पर अगर मृत व्‍यक्ति का आधार नंबर या एनरोलमेंट ID नंबर नहीं है तो उसे एक प्रमाण पत्र देना होगा, जिसमें इसकी जानकारी देनी होगी कि आवेदक के पास मृत व्‍यक्ति के आधार नंबर के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

इसके साथ-साथ यह भी बताना होगा कि अगर उनके द्वारा दी गई कोई जानकारी गलत साबित होता है तो आरोपी के खिलाफ आधार एक्‍ट 2016 और जन्‍म और मृत्‍यु नामांकन एक्‍ट 1969 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

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