Breaking News
  • निफ्टी ने पार किया 10,000 का आंकड़ा, बीएसई सेंसेक्स भी करीब 100 अंक उछला
  • मुक्केबाज सचिन सिवाच को मिला राष्ट्रमंडल युवा खेलों में स्वर्ण पदक
  • नई दिल्ली: देश के 14वें राष्ट्रपति के तौर पर रामनाथ कोविंद का शपथ समारोह आज
  • देश के कई हिस्सों में बाढ़ का कहर- बचाव कार्य में जुटे एनडीआरएफ और सेना के जवान

लंबी चलेगी मुसीबत: दो लाख एटीएम को नए नोटों के मुताबिक चालू होने में लगेंगे दो महीने!


NEW DELHI:- 500-2000 की नई करेंसी को  सुरक्षा के लिहाज से हर पांच साल में चेंज किया जाएगा, ऐसा सरकार का मानना है लेकिन फ़िलहाल हुई नोटबंदी को लेकर सरकार में खलबली मची हुई है। हालांकि सरकार ने समय सीमा का एक महीना तय की है लोकिन हालात को देश के दो लाख एटीएम को रिकैलिब्रेट यानी नए नोटों के मुताबिक चालू करने में कम से कम दो महीने लग जाएंगे।

दूरदराज के इलाकों के लिए पोस्ट ऑफिस और बैंकिंग कॉरेस्पॉंडेन्स जैसी सुविधा शुरू कर दी गई है ताकि गांव में रहने वाले लोगों को परेशानी ना हो।

उधर शहरों में बैंक और पोस्ट ऑफ़िस के सामने लगी क़तारें नौवें दिन भी कम होती नहीं दिख रहीं। सरकार की सबसे बड़ी परेशानी ये है कि देश के दो लाख एटीएम को रिकैलिब्रेट यानी नए नोटों के मुताबिक चालू करने में कम से कम दो महीने लग जाएंगे।

हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस काम की समय-सीमा एक महीना तय की है।गृह मंत्रालय की बैठक में इन सब मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। तवज्‍जो इस बात पर दी गई कि इस दौरान हालात को कैसे क़ाबू में रखा जाए।

जानकारी के मुताबिक काला बाज़ार ज़्यादातर 500 और 1000 रुपये के नोट से भरा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ औसतन 16 लाख करोड़ का काला धन फ़िलहाल सर्कुलेशन में है। आकलन के मुताबिक़ इसमें से 3-4 लाख करोड़ ख़त्म हो जाएगा लेकिन बाक़ी का पैसा बैंकों में आ जाएगा। इसीलिए नोटबंदी सरकार के लिए फ़ायदेमंद है।

लेकिन खलबली सरकार में फिर भी इस बात को लेकर है कि नोटबंदी के बाद सरकार नए नोटों के रूप में एक लाख करोड़ रुपया ही मार्केट में डाल पाई है यानी औसतन 11000 करोड़ रोज़ का मतलब 15 लाख करोड़ मार्केट में आने में काफ़ी समय लगेगा। ऐसे में सरकार की सबसे बड़ी चिंता इतने लंबे वक्त तक हालात को सामान्य रखने की है।

loading...