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आम और चीकू ने रोका मोदी की बुलेट ट्रेन का रास्ता, नहीं बढ़ रही आगे...

अहमदाबाद/मुंबई: केंद्र सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर कई तरह की बाधाएं सामने आ रही हैं। जिससे परियोजना में देरी आने की संभावना बन गयी है। दरअसल महाराष्ट्र और गुजरात के किसान मोदी की बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है।

बतादें कि जापान के कर्ज पर देश में आ रही बुलेट ट्रेन को लेकर किसानों ने अपनी जमीन देने से साफ़ इनकार कर दिया है। मीडिया में जारी खबरों की माने तो महाराष्ट्र के किसानों ने बुलेट ट्रेन की परियोजना के नाम पर अपनी कीमती जमीन किसी भी हाल में देने को तैयार नहीं है। यहाँ करीब 108 किलोमीटर की जमीन में आम और चीकू के पैदावार होती है। किसानों की यह कीमती और उपजाऊ जमीन जाने पर यह रोड पर आ जायेंगे। जिससे किसानों ने अभी से अपना सुर बुलंद करना शुरू कर दिया है।

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किसानों को राज्य के कई बड़े नेताओं का अभी समर्थन मिला है। जिससे इस क्षेत्र के किसानों के उग्र रूप के कारण मोदी की बुलेट ट्रेन रुकती दिखाई दे रही है। वहीँ सरकार और रेलवे पर दिसम्बर माह तक जमीन के अधिग्रहण को पूर्व करने का दवाब है। अगर ऐसा नहीं होता है तो जापान से लोन मिलने में भी देरी हो सकती है।

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मालूम हो कि केंद्र सरकार की यह परियोजना पर जापान के कर्ज पर बन रही है। करीब 17 अरब डॉलर से बनने वाली अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना पर अभी तक गुजरात में ही जमीन अधिग्रहित नहीं हो पायी है। राज्य के ही किसानों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हल्ला बोल कर रखा है। साथ ही विपक्ष भी सरकार की जमीन अधिग्रहित के नियम पर भड़का हुआ है। इस हालातों में बुलेट ट्रेन का अपने समय 2022 तक पूरा हो पाना मुमकिन नहीं लग रहा है।

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