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मराठा आंदोलन: पुणे में हिंसक हुआ आंदोलन, प्राइवेट कंपनियों में तोड़-फोड़

मुंबई: महाराष्ट्र में एकबार फिर से मराठा आंदोलन भड़क गया है। गुरुवार को मराठा आन्दोलन के दो साल हो जाने के बाद भी सरकार द्वारा आरक्षण देने के मसले पर नहीं हो रही कार्रवाई के करने के कारण मराठा प्रदर्शनकारी भड़क गये हैं।

बतादें कि मराठा आंदोलन के दो साल पूरे होने पर राज्यभर में मराठा समुदाय ने बंद का अहवान किया है। बंद के आह्वान के दौरान पुणे में हिंसा भडक गयी है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि पुणे में प्रदर्शन कर रहे लोग प्राइवेट कंपनियों में घुस कर तोड़ फोड़ की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पुणे के कुछ आईटी ऑफिस की बिल्डिंग पर पथराव कर कर्मचारियों को धमकाते हुए घर जाने को कहा। इसके अलावा मराठा प्रदर्शनकारियों ने लातूर, जालना, सोलापुर और बुलधाना जिले में कई जगहों पर ट्रैफिक रोक दिया और तोड़फोड़ की। हालांकि, मुंबई में हिंसा की खबर नहीं है। 16 फीसद आरक्षण की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र में आंदोलन जारी है। जिसका आज 21वां दिन है। वहीँ गुरुवार यानी की 9 अगस्त आंदोलन के दो साल पूरे हो गये हैं।

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ऐसे में पहले से ही हिंसा की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने कुछ इलाकों में स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए थे। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। वहीँ इस मामले पर सरकार का रुख भी साफ़ नहीं हो पा रहा है जिससे स्थित और भी बिगड़ रही है। इससे पहले बुधवार को ही मराठा समुदाय ने लोगों से गुजारिश की है कि जनउपयोगी वस्तुएं लोग आठ अगस्त को ही खरीद लें।

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क्योंकि 9 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया गया है। हालाँकि नवी मुंबई में बंद नहीं होगा। जिससे लोगों को तकलीफ न हो। पिछले दिनों से जारी आन्दोलन में अभी तक कई मराठा समुदाय के युवा आरक्षण की मांग को लेकर आत्मदाह कर चुके हैं। वहीँ सरकार ने अभी तक इसपर कोई त्वरित निर्णय नहीं लिया है। हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने कहा था कि, मराठा समुदाय को 16 फीसदी आरक्षण देने पर नवम्बर माह तक फैसला हो जायेगा।

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