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यौन उत्पीड़न में फंसे मंत्री के पास बचे हैं सिर्फ दो रास्ते...

नई दिल्ली: महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न के खिलाफ छेड़ गए 'मी टू' के लपेटे में आए मोदी सरकार के मंत्री एम जे अकर फिलहाल आरोपों के लेकर कोई बयान नहीं दिया है। वहीं सरकार के मंत्री भी मामले पर बोलने से बचते दिख रहे हैं। लेकिन विपक्ष लगातर मंत्री को निशाने पर लेते हुए हमला बोल रही है।

इस बीच कांग्रेस पार्टी ने मंत्री पर लगे आरोपों की जांच की मांग की है, कांग्रेस पार्टी की ओर से न सिर्फ जांच की बात की मांग की गई है बल्कि पार्टी में मंत्री से इस्तीफे की भी मांग की है। मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयपाल रेड्डी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि खुद पर लगे आरोपों को लेकर या तो एमजे अकबर सफाई दें या फिर इस्तीफा दें।

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कांग्रेस ने इस बात पर जोर देते हुए कहा की मामले की जांच होनी चाहिए। साथ ही कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने सुषमा स्वराज की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आखिर अपने मंत्री पर सुषमा स्वराज चुप क्यों हैं?  बीजेपी उदित राज पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?

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बता दें कि अपने समय के मशहूर संपादक और मौजूदा समय में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर पर दो महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। अकबर पर पहले एक महिला पत्रकार ने आरोप लगया जिसके अगले ही दिन अकबर के साथ कां कर चुकी पूर्व सहयोगी ने भी उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप जड़ दिए।

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मंत्री पर लगे आरोपों के सवाल पर विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज ने कोई जवाब नहीं दिया, जबकि बीजेपी सांसद उदित राज ने तो महिलाओं के इस अभियान को ही गलत परंपरा की शुरुआता करार दिया है।

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