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आखिर जबरन रिटायरमेंट लेने को क्यों कह रही है ये कंपनी!

नई दिल्ली: आबादी के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े देशों में सुमार भारत वर्ष में बेरोजगारी की समस्या आजादी के समय से ही बनी रही है। तब से लेकर अब तक कई सरकारें आई और गई, बेरोजगारी और रोजगार के लिए कई आन्दोलन भी हुए, कइयों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी, लेकिन इस समस्या का सामाधान न मिल सका। बल्कि बेरोजगारी की समस्या समय के साथ अबूझ पहेली बनी हुई है।

बेरोजगारी को लेकर हालात यहा तक आ गये हैं कि सरकारी संस्थानों में भी नौकरियां सुरक्षित नहीं है। देखिए कि सरकार के अधिन आने वाली टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने घाटे में चलने बाद भी हाल ही में ग्राहकों के लिए बंपर ऑफर का शुभारंभ किया, जिसके तहत ग्राहकों को फोन करने के बदले भी पैसे देने की बात कही गई है। लेकिन अब वहीं भारतीय संचार निगम लिमिटेड अपने 1 लाख लोगों की रोजी-रोटी छिनने जा रही है।

दरअसल, खबर है कि बीएसएनएल 20 हजार करोड़ रूपये के कर्ज में चल रही है। कंपनी के कर्मचारी दिन-प्रतिदिन पेमेंट की अपील कर रहे हैं। ऐसे में पेमेंट नही पानों के लिए नौकरी जाने का संकट को मानों उनकी जान निकाल रही है। वहीं बहुत अधिक संकट से गुजर रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारतीय संचार निगम लिमिटेड पर 1 लाख लोगों के 20 हजार करोड़ रूपये बकाया है। जिसके फिलहाल कंपनी चुकाने की स्थिति में नहीं है। और सरकार भी इस मामले को लेकर गंभीर नहीं दिख रही है।

जानकारी के अनुसार बकाया वेतन भारतीय संचार निगम लिमिटेड को सपोर्ट सर्विस का सामान उपलब्ध कराने वाली कई कंपनियों के हैं। बता दें कि इन कंपनियों से दो लाख लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है और भारतीय संचार निगम लिमिटेड से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिलने पर कंपनियों के कर्मचारियों की छंटनी करनी पडती हैं। जिसके मुताबिक हर दो में से एक आदमी की रोजी-रोटी छिन जाएगी यानी एक लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

वहीं पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स टेलीकॉम कमेटी के चेयरमैन संदीप अग्रवाल की माने तो बैंकों ने कर्मचारियों पर वेतन चुकाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों की 19 नवंबर को विरोध प्रदर्शन करने की योजना है। अगर उसके बाद 10 दिन में भुगतान नहीं मिला तो दिवालिया अदालत जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संचार निगम लिमिटेड से कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से करीब 1 लाख नौकरियां छिन जाऐगी। आपको बता दें कि सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल के लिए पिछले महीने 69,000 करोड़ रुपये की योजना का ऐलान किया था।

जिसपर अब युटर्न ले लिया और बहुत से कर्मचारियों का अभी का भुगतान नहीं हुआ। वहीं भारतीय संचार निगम लिमिटेड अपने कर्मचारियों को स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्‍कीम यानी VRS देने की तैयारी में है, वहीं कर्मचारियों के लिए भारतीय संचार निगम लिमिटेड ने VRS का रास्ता खोल दिया है। इसका मतलब है कि जो कर्मचारी रिटायरमेंट से पहले ही अपनी मर्जी से रिटायर होना चाहते हैं वो रिटायरमेंट ले सकते हैं। भारतीय संचार निगम लिमिटेड को उम्मीद है कि 50 साल से अधिक उम्र के कर्मचारी को स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्‍कीम (VRS) के लिए जरूर एप्लीकेशन देंगे।

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