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चौक जाएंगे! 13 महीने में इतने लोगों को मिली नौकरी, फिर भी जारी है बेरोजगारी पर घमासान

नई दिल्ली: घनी आवादी वाले देश भारत में बेरोजगारी एक लाइलाज बीमारी की तरह दिखता है। साल 1947 में अंग्रेजों से आजादी मिलने बाद देश की सत्ता में कई अलग-अलग सरकारें आई, लेकिन बेरोजगारी का इलाज करने में लगभग सभी सरकारें असफल रही है, जिसके लिए सत्ताधारी सरकार हमेसा विपक्ष के निशाने पर रही है।

देश की मौजूदा बीजेपी की नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आने से पहले कांग्रेस की नेतृत्व वाली सरकार पर बेरोजगारी के मुद्दे पर हमला बोलती रही और जब साल 2014 में केंद्र सत्ता पर बीजेपी की नेतृत्व वाली सरकार आई तो अब बेरोजगारी के मसले पर मैजूदा सरकार पर कांग्रेस और अन्य विरोधियों के निशाने पर है।

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इन सभी मामलों के बीच भविष्य निधि संगठन ईपीएफओ द्वारा वेतन रजिस्टर पर जारी आंकड़ों के हवाले से खुलासा हुआ है कि सितंबर 2017 से सितंबर 2018 के बीच 13 माहीने में कुल 79.48 लाख लोगों को भविष्य निधि सामाजिक सुरक्षा योजना के साथ जोड़ा गया, जिससे पता चलता है कि इस दौरान 79.48 लाख लोगों को रोजगार मिला।

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आकड़ों के अनुसरा, इस साल सितंबर में पिछले साल की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा 9.73 लाख लोगों को रोजगार मिला। जो सितंबर 2017 के बाद किसी एक माह में दिये गये रोजगार की तुलना में सबसे अधिक है। एक साल पहले सितंबर में 4.11 लाख लोगों को रोजगार मिला था। इससे पहले इसी साल मार्च में सिर्फ 2.36 लाख लोगों को ही ईपीएफओ योजना में शामिल किया गया, जो 13 माहीने में सबसे कम है।

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