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JK: मासूमों से रेप पर राज्य में लागू हुआ खतरनाक कानून, जानकर उड़ जाएंगे होश

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में बच्चों से रेप के मामले में बने कानून को मंजूरी मिल गयी है। गुरुवार को राज्य के राज्यपाल एनएन वोहरा के महबूबा मुफ़्ती द्वारा प्रस्तावित कानून को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ जम्मू कश्मीर देश का चौथा राज्य बन गया है जहाँ मासूमों से रेप के मामलें में फांसी की सजा का प्रावधान किया है।

बतादें कि गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एनएन वोहरा ने आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश 2018 और जम्मू-कश्मीर संरक्षण बच्चों के यौन हिंसा अध्यादेश 2018 में संसोधन को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब जम्मू कश्मीर में भी मासूमों से बलात्कार करने वाले दोषियों को मौत की सजा सुनाई जा सकेगी। इससे पहले केंद्र ने पॉस्को एक्ट में संशोधन कर 12 साल तक की बच्चियों से रेप के मामले में फांसी की सजा का प्रावधान किया था।

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वहीँ अब जम्मू कश्मीर में भी रेप को लेकर लाये गये अध्यादेश को मंजूरी दी गयी है। जिसमें राज्य में कानून के लागू होने के बाद 12 साल की उम्र की बच्चियों से रेप जैसे कुकृत्य अपराध करने वालों को फांसी की सजा के प्रावधान होगा। खासकर राज्य के कठुआ गैंगरेप और हत्या के बाद देशभर में गुस्सा भड़का हुआ था। जिसके बाद ही केंद्र सरकार ने इस पॉस्को एक्ट में संशोधन को मंजूरी देते हुए 12 साल तक की बच्चियों से रेप के आरोपियों को फांसी की सजा का प्रावधान किया था।

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वहीँ अब यह कानून जम्मू कश्मीर में भी लागू हो चुका है। राज्य की ही रेप की घटना ने देशभर में रेपिस्टों को फांसी की सजा का देने के लिए लोगों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया था। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से लगातार बच्चियों के रेपिस्टों को फांसी देने की मांग पर केंद्र ने 21 मई को पॉस्को एक्ट में संशोधन को मंजूरी देते हुए फांसी की सजा का प्रावधान किया था।

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