Breaking News
  • आज शाम 6 बजे तक खत्म हो सकता है कर्नाटक का नाटक, कुमारस्वामी करेंगे फ्लोर टेस्ट
  • बिहार के दरभंगा में अभी भी बाढ़ से राहत नहीं, लोगों ने सड़क पर ठिकाना
  • आज होगा ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री का चयन
  • बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद, पीएम मोदी कर सकते हैं सांसदों को संबोधित

आतंकियो को लग गई थी सुरक्षाबलों की गतिविधियों की भऩक, फिर अचानक...

श्रीनगर : न हम बाज आएंगे, न हम रहमाएंगे हमारा एक ही मकसद है खौफजदा करना। तो सुन लो ए खौफ के दहशतगर्द हमने तुम्हें दो गज जमीन के नीचे गाड़ने का ठाना है, अगर न आए तुम बाज तो तुम्हें उस खुदा से मिलाने का ठाना है। ये पंक्तियां हमारे देश के जवानों पर बिल्कुल सटीक बैठती है, जो दिन रात एक कर देश की सीमा का रक्षा करते है, लेकिन आतंकी भी कहां अपने हरकत से बाज आने वाले वो समय समय पर कुछ ऐसी हरकत कर देते है कि हमारे देश के जवानों को भी उनके विरूद्ध जवाबी कार्रवाई करने को विवश होना पड़ता है।

आपको बता दें कि एक बार फिर जम्मू कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने आतंकी को ढ़ेर कर दिया है, जहां मुठभेड़ अभी भी जारी है। सूत्रों की माने तो जवानों को सूचना मिली थी कि इस इलाके में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं, जिसके बाद उन्होंने इस इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। जिसकी भनक उन आतंकियों को भी लग गई, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षाबलों को अपने सामने आते देख गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों की गोलीबारी को देखते हुए जवानों ने भी मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। जिसमें एक आतंकी ढ़ेर हो गया। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार दोनों ओर से फायरिंग जारी है। सेना ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आतंकियों को चौतरफा घेर लिया है।

 

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार जम्मू-कश्मीर में साल 2019 के पहले चार महीनों में 177 आतंकी घटनाओं में 61 सुरक्षाकर्मियों और 11 नागरिकों की जान चली गई है। वहीं इस आतंकी घटनाओं में 142 लोग घायल भी हुए हैं। यह जवाब जम्मू-कश्मीर के आरटीआई कार्यकर्ता रोहित चौधरी की ओर से सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत मांगे गए जवाब में गृह मंत्रालय के निदेशक की ओऱ से मिला। उन्होंने बताया है कि घायलों में 73 सुरक्षाकर्मी और 69 नागरिक भी शामिल हैं।

loading...