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अखिर आतंकवादियों को राज्यपाल ने लंच पर क्यों बुलाया...

नोएडा: जम्मू-कश्मीर को आतंकियों की चंगूल से आजाद कराने के लिए सरकार और सेना के सारे प्रयास विफल साबित हो रहे है। वहीं जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक नये फॉर्मूले का इजात किया है। तो आखिर क्या है ये फॉर्मूला...

हथियार छोड़िए और आइए मेरे आवास पर, साथ बैठकर लंच करेंगे... ये शब्द जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के हैं। जो आतंकवादियों को अपने घर दावत पर बुला रहे है। मलिक का ये फॉर्मूला सरकार का आतंकियों के खिलाफ सरेंडर करने जैसा है। लेकिन वह यहीं नहीं रुकते बल्कि कश्मीर को तबाह कर देने वाले अलगाववादियों के प्रति भी सम्मान का भाव दिखा रहे हैं।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने आतंकियों से हथियार छोड़ने की अपील की है। मलिक कहते हैं, आप हथियार छोड़िए और मेरे आवास पर आवास पर आकर लंच करिए। उन्होंने कहा, मैं हुर्रियत नेताओं का सम्मान करता हूं, लेकिन उनका मकसद गलत है।

इतना ही नही राज्यपाल ने कश्मीर की मौजूदा स्थिति के लिए दिल्ली को भी जिम्मेदार बताया।  उन्होंने कहा कि दिल्ली ने भी गलतियां की, लेकिन स्थानीय नेतृत्व लोगों को धोखा देने के लिए अधिक दोषी है। गौरतलब हो कि एक ओर केंद्र की मोदी सरकार कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आकंवाद से निपटने के लिए गोली के बदले गोला देने की बात करती है। आतंकवाद के खिलाफ किसी भी समझौते से इंनकार करती है। वहीं दूसरी तरफ राज्यपाल का आतंकियों को लंच का ऑफर देना आतंक विरोधी अभियान के लिए झटकेदार साबित हो सकता है।

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