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चीन के मना करने के बाद भी मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित कर सकते हैं, ये है ‘फॉर्मूला’

नई दिल्ली:  भारत और अमेरिका समेत दुनिया के कई अन्य देशों के अरमानों पर पानी फेरते हुए चीन ने एक बार फिर से पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने से बचा लिया। चीन ने ऐसा चौथी बार किया है, जब उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने वाले प्रस्ताव को झटका दिया है।

इस बीच UN चार्टर में दिए गए प्रावधानों का हवाला देते हुए दावा किया जा रहा है कि चीन के मना करने के बाद भी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जा सकता है। बताया जाता है कि अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)  के 9 सदस्यों की सहमति बनती है तो UN चार्टर के अनुच्छेद 27 के अनुसार, मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किया जा सकता है।

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, भारत पिछले काफी समय से मसूद अजहर को वैश्विक आतंवादी घोषित करवाने के प्रयास में लगा है। इस राह में भारत को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस समेत कुछ अन्य देशों से भी समर्थन प्राप्त है लेकिन चीन के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।

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बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ‘‘1267 अल कायदा सैंक्शन्स कमेटी'' के तहत मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव 27 फरवरी को फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका द्वारा लाया गया था। कमेटी में शामिल सदस्यों के पास प्रस्ताव पर आपत्ति जताने के लिए 10 दिन का समय था, जो बुधवार को न्यूयॉर्क के समय के अनुसरा, दोपहर तीन बजे (भारतीय समयनुसार गुरुवार रात साढ़े 12 बजे) खत्म होनी थी।

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लेकिन इसके पहले चीन ने प्रस्ताव पर ‘तकनीकी रोक' लगा दी। संयुक्त राष्ट्र में एक राजनयिक के हवाले से बताया गया कि, चीन ने प्रस्ताव की पड़ताल के लिए और समय मांगा है। बताया जाता है कि चीन द्वारा लगाई गई उक्त तकनीकी रोक छह महीनों के लिए मान्य है। जबकि इसे तीन और महीने के लिए बढ़ाया भी जा सकता है।

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