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अमेरिका ने मिलाया रूस से हाथ: अब होगी ‘आतंकवाद’ के खिलाफ आर/पार की जंग


हैम्बर्ग: जर्मनी के हैम्बर्ग में सम्पन्न हुए G-20 देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान दो धुर विरोधी देशों के राष्ट्र प्रमुखों ने घंटों वार्ता की। जिसके बाद न सिर्फ उनके रिश्तों में सुधार की गुंजाइश बढ़ी है बल्कि दोनों देशों के एक होने से आतंकवाद का खात्मा संभव हो गया है।

G-20 शिखर सम्मलेन में शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लाद्मिर पुतिन ने पहली मुलाकात की। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। जर्मनी के हैम्बर्ग में दोनों नेताओ ने शुक्रवार को तय समय से घंटों अधिक बैठकर द्विपक्षीय चर्चा की। यहाँ रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के अपने समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक के बाद कहा कि उन्हें विश्वास है कि दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होगा।

साथ ही पुतिन ने यह भी कहा कि रूस ने नवंबर 2016 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में कभी हस्तक्षेप नहीं किया। वहीँ पुतिन और ट्रंप के बीच वार्ता के बाद आशय लगाया जा रहा है कि अमेरिका और रूस के बीच संबंधों में सुधार आयेगा। एक समाचार एजेंसी के अनुसार कहा गया है कि ऐसा लगता है कि यदि हम अपने संबंधों को मजबूत बनाएंगे तो हम हर तरह के वार्तालाप को पुनः स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप जो टीवी पर देखते हैं, वह उसकी तुलना में असल जीवन से काफी अलग है।

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वह उनकी बातों को बखूबी समझते हैं, तेजी से चीजों का विश्लेषण करते हैं और चर्चा के दौरान सामने आए प्रश्नों का बखूबी उत्तर देते हैं। वहीँ अमेरिका और रूस की बढती दोस्ती पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुयी हैं। अगर अमेरिका और रूस जैसे देश एक साथ मिल जाते हैं तो आतंकवाद को उखड फेंकने में जरा भी समय नहीं लगने वाला है। पिछले शासनकाल में अमेरिका और रूस के बीच युक्रेन को लेकर विवाद गरमाया हुआ था। लेकिन अब अमेरिका का प्रशासन बदल गया है ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि दोनों देशों के बीच हालात भी बदलेंगे।   

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