Breaking News
  • सोनभद्र जाने पर अड़ी प्रियंका गांधी, धरने का दूसरा दिन
  • असम और बिहार में बाढ़ से 150 लोगों की गई जान, 1 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित
  • इलाहाबाद हाइकोर्ट ने पीएम मोदी को जारी किया नोटिस, 21 अगस्त को सुनवाई
  • कर्नाटक पर फैसले के लिए अब सोमवार का इंतजार

एकबार फिर विदेशी धरती पर छाएं मोदी, लगे मोदी मोदी के नारे, करीब 20 कूटनीतिक आयोजनों का...

नोएडा : जापान के ओसाका में 28-29 जून को जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है, जिसके लिए पीएम मोदी आज जापान पहुंच चुंके है। जापान के धरती पर कदम रखते ही जहां मोदी मोदी के नारे लगे वहीं वंदे मातरम् के नारे से भी यह धरती गुंजायमान हुआ। आपको बता दें कि यह नारा मोदी के जापान के ओसाका एयरपोर्ट पर पहुंचने के दौरान लगी थी। बता दें कि पीएम मोदी छठी बार इस बैठक में शामिल होंगे।

गौरतलब है कि भारत अब तक सभी जी-20 शिखर सम्मेलनों में शिरकत करता नज़र आया है, वहीं, 2022 में वो इसकी मेजबानी भी करेगा। पीएम मोदी इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जापान के प्रधानमत्री शिंजों आबे और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई राष्ट्र अध्यक्षों से मुलाकात करेंगे। जिस दौरान वे 20 कूटनीतिक आयोजनों का हिस्सा बनेंगे। इसके साथ ही वे जी-20 के हाशिए पर एक दर्जन से अधिक द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुलाकातें भी करेंगे। इस बैठक के दौरान पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुअल मेक्रोन, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे, तुर्की के राष्ट्रपति एर्डोगन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान समेत कई नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे।

बता दें कि जापान पहली बार इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ओसाका शहर में हो रहे इस सम्मेलन का प्रमुख विषय मानव केंद्रित भावी समाज है। जिन्हें वार्ताओं के लिए तीन आधार पर बांटा गया हैं- 1. आयु परिवर्तन की चुनौती से मुकाबले की तैयारी, 2. श्रम बाजार में लिंग अनुपात को ठीक रखना, 3. नए कामकाज के संदर्भ में राष्ट्रीय नीतियों व बेस्ट प्रैक्टिसेज का आदान-प्रदान।

जी-20 सम्मेलन में इस बार जिन मुद्दों के इर्दगिर्द सिमटा होगा वो हैं- वैश्विक अर्थव्यवस्था,  कारोबार और निवेश,  इनोवेशन, पर्यावरण व ऊर्जा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, विकास और स्वास्थ्य। इस सम्मेलन में जिन मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा होगी उनमें मुक्त व्यापार, आर्थिक विकास, वैश्विक अर्थव्यवस्था जिसमें वित्त व कर संबंधी मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल इकोनॉमी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, समावेशी और सतत विकास वाली दुनिया, ऊर्जा और पर्यावरण, सोसाइटी 5.0, बेहतर गुणवत्ता का ढांचागत विकास, वैश्विक स्वास्थ्य, आयु वृद्धि, जलवायु परिवर्तन तथा समुद्र में बढ़ती प्लास्टिक की समस्या विषय शामिल है।

जी-20 के सदस्य देशों में भारत, अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, इटली, मेक्सिको, रूस, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।

loading...