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पनामा पेपर्स लीक मामला: जाएगी ‘पीएम’ की कुर्सी ?


इस्लामाबाद: पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के सामने आतंकवाद से भी बड़ी एक चुनौती आ खड़ी हुई है। यहाँ पनामा पेपर्स लीक मामले में उनके और परिवार के खिलाफ लगातार जाँच का दायरा बढ़ता जा रहा है। जांच से बचने और रणनीति बनाए के लिए आज पीएम नवाज शरीफ ने हाई लेबल की मीटिग बुलाई है।

बतादें कि पनामा पेपर्स लीक मामले में लगातार पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ की मुश्किल बढती जा रही है। पाक सर्वोच्च न्यायलय द्वारा जब से उनके खिलाफ जांच करने का फैसला लिया है तभी से नवाज़ शरीफ की टेंशन बढ़ी हुयी है। ऐसे खबरों की माने तो गुरुवार को पीएम नवाज शरीफ ने अपने इस्तीफे की मांग के बीच कैबिनेट की इमरजेंसी बैठक बुलाई ताकि वह पनामा मामला जांच पैनल की उस रिपोर्ट से अपना बचाव करने की रणनीति बना सके जिसमें उनके और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है।

पाकिस्तानी मीडिया की ख़बरों की माने तो ऐसी संभावना है कि नवाज़ शरीफ सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट को चुनौती देने संबंधी पार्टी की रणनीति के बारे में सदस्यों को जानकारी देंगे और प्रस्ताव या घोषणा के रूप में कैबिनेट से समर्थन प्राप्त करने की कोशिश करेंगे। मालूम हो कि पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ के परिवार की जांच के लिए एससी ने छह सदस्यों की जांच टीम बनायी थी, उसकी रिपोर्ट अब 10 जुलाई को कोर्ट में सौंपी गयी थी, रिपोर्ट में गुजारिश की गयी थी कि नवाज शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के अध्यादेश, 1999 के सभी पर भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

वहीँ रिपोर्ट के बाद से एससी कभी भी  उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दे सकता है। ऐसे में नवाज़ शरीफ के इस्तीफे की मांग और भी तेज हो सकती है। साथ ही जाँच शुरू होने के बाद उन्हें पद से भी हटाया जा सकता है।  

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