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आखिर ऐसा क्या हुआ कि ट्रंप को मांगनी पड़ी इमरान खान से मदद!

नई दिल्ली: पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने एक ऐसा दावा किया जिसे जानकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो सकता है। लेकिन पाकिस्तानी मंत्री का दावा है कि ट्रंप ने प्रधानमंत्री इमरान खान को खत लिख कर मदद की गुहार लगाई है। गौर हो कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आतंकवाद पर दोहरा रवैया रखने के आरोप लगाते हुए पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है।

ट्रंप ने पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसने हजारों अमेरिकी डॉलर डकार लिया लेकिन आतंकवाद रोकने की दिशा में कड़ी कार्रवाई नही की। इसके साथ पाकिस्तान से नाराजगी जाताते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान को मिलने वाले फंड पर भी रोक लगा दी थी। इन सभी मामले को देखते हुए ट्रंप द्वारा इमरान खान से मदद मांगने की बात पर यकीन करना मुश्किल हो सकता है।

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लेकिन पाकिस्तानी सूचना मंत्री फवाद चौधरी का दावा है कि ट्रंप ने इमरान खान को खत लिखकर अफगान शांति वार्ता के लिए मदद की मांग की है। फवाद के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति अफगान सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान आतंकियों के बीच 17 सालों से से जारी संघर्ष रोकने की इच्छा जताई है।

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फवाद ने दावा किया कि, ट्रंप ने खान को लिखे पत्र में कहा कि पाकिस्तान से संबंध अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण हैं और साथ ही अफगान संघर्ष का समाधान निकालने में भी उसकी अहम भूमिका है। आपको बता दें कि तालिबान अपने देश से अंतरराष्ट्रीय सेना को बाहर करने और अपनी मर्जी के मुताबीक देश में सख्त इस्लामिक कानून लागू करने के लिए सालों से जंग लड़ रहा है।

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वहीं अमेरिकी सेना और अधिकारी भी पिछले लंबे समय से तालिबानी नेताओं को वार्ता के लिए साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं। जो अब तक बेअसर दिखता है। जबकि अमेरिका को लगता है कि पाकिस्तान में तालिबान का बड़ा आधार है, इसलिए अमेरिका चाहता है कि पाकिस्तान अपने प्रभाव का इस्तेमाल शांति कायम करने के लिए करे।
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