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एक बार फिर अमेरिका में फायरिंग, दहशत में लोग, हमलावर सरकारी...

नई दिल्ली : एकबार फिर अमेरिका फायरिंग की गूंज के साथ गूंज उठा। यह गूंज बदस्तूर जारी है न सरकार इसे रोकने में कामयाब हो पा रहीं है औऱ न हमलावर हमले करने से परहेज कर रहें है। भले ही वे उस हमले में पुलिस के गिरफ्त में आ जाएं या जवाबी कार्रवाई में उस हमले की भेट चढ़ जाएं। उससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर हम अधिकांश हमलों की तह में जाएं तो जो कारण सामने आता हैं वह बहुत चौकानेवाला होता है। हमलावर या तो मेंटल होता है या कोई खूंखार अपराधी या कोई सरकार के नीतियों या अपने बॉस से परेशान कर्मचारी।

आपको बता दें कि जिस शख्स ने वर्जीनिया बीच पर म्यूनिसिपल बिल्डिंग में अंधाधुंध फायरिंग की वह इसी बिल्डिंग में कार्यरत था। इस हमले के जवाबी कार्रवाइ में यह शख्स मारा गया। हालांकि इस शख्स के नाम का खुलासा नहीं हो सका है। इस हमले में 12 लोगों की मौत एवं 6 लोग घायल हुए है। यह गोलीबारी स्थानीय समयानुसार लगभग 5 बजे के करीब हुई थी। एक कर्मचारी के अनुसार जब वह गोली चला रहा था तो लोग अपने डेस्क पर बैठे थे और काम कर रहे थे।

 

आपको बता दें कि वर्जीनिया बीच, वाशिंगटन डीसी से लगभग चार घंटे की दूरी पर स्थित है। जो लगभग 500,000 लोगों की आबादी वाला शहर है। राज्य के गवर्नर राल्फ नॉर्थम ने कहा, ‘उनकी टीम हालात पर नजर बनाई हुई है। बता दें कि अमेरिका में फायरिंग की यह घटना कोई पहली बार नहीं है। इससे पहले भी हाल ही में डेंवर के एक स्कूल में फायरिंग हुई थी जिसमें 1 बच्ची की मौत और 7  घायल हो गए थे।

वहीं इससे पहले लॉस एंजेलिस में भी शूटिंग की एक घटना हुई थी, जिसमें एक रैपर की मौत हो गई थी। रैपर का नाम निप्से हसल था। इस शूटिंग में दो और लोग भी घायल हो गए थे।

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