Breaking News
  • जम्मू-कश्मीरः शोपियां में अगवा 3 पुलिसकर्मियों के शव मिले, आतंकियों ने पुलिसवाले के भाई को छोड़ा
  • एशिया कप 2018: आज भारत का सामना बांग्लादेश से
  • न्यूयॉर्क: भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्री की मुलाकात, अमेरिका ने बताया शानदार

ईरान ने दी भारत को चेतावनी: US के दबाव में आकर न ले कोई बुरा फैसला

तेहरान: भारत और ईरान के बीच दशकों पुराने संबंध हैं। दोनों देशों के बीच दोस्ती की कहानी का अंदाजा इससे भी लाया जा सकता है कि सालों पहले अमेरिका द्वरा ईरान पर कई तरह के प्रतिबन्ध के बाद भी भारत ने ईरान से व्यापार ही नहीं जारी रखा बल्कि उसे जरूरी मदद भी पहुंचाई। लेकिन अब राजनीति कमजोरी के आगे यह होना मुश्किल लग रहा है।

बतादें कि हाल ही में अमेरिकी दादागिरी के आगे कई देश उसके खिलाफ खुलकर कर सामने आ गये हैं तो कई देश दवाब में बने हुए। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गये अपने नफे नुकसान वाले राजनीति प्रतिबंधों के आगे भारत भी झुकता नजर आ रहा है। जिसको लेकर ईरान ने भारत को चेतावनी दी है। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाये गये प्रतिबंधों के चलते उसके साथ व्यापार करने वाले देशों पर भी इसका बड़ा प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में भारत की कमजोर राजनीति ने अमेरिका के आगे घुटने टेकने का फैसला लिया है! हालिया के प्रतिष्ठित अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ईरान के साथ तेल खरीददारी कम करके अन्य देशों पर निर्भर होगा। जिससे भारत और ईरान के बीच व्यापार कम हो जाएगा। इसी को लेकर ईरान ने भारत को चेतावनी दी है।

दरअसल भारत का ईरान में एक बहुत बड़ा और सामरिक द्रष्टि से चीन और पाकिस्तान को जवाब के लिए चाबाहर बन्दरगाह का प्रोजेक्ट चल रहा है। जिसके एक फेज का उद्घाटन भी हो गया है। ऐसे में ईरान ने भारत को चेतावनी दी है कि अगर भारत अमेरिका के आगे झुकते हुए उसके साथ तेल खरीद में कटौती करता है तो इसका उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।  ईरान के उप राजदूत मसूद रजवानियन रहागी ने एक ख़ास कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत को चाबहार बंदरगाह में वादे के मुताबिक निवेश ना करने और तेल के आयात में कटौती की जाने की स्थित में हानि उठानी होगी।

पंजाब रैली: किसानों के बीच पीएम मोदी, ऐसे दूर कर रहे हैं नाराजगी

रहागी ने कहा कि भारत अगर कमजोर राजनीति इच्छाशक्ति दिखाते हुए यूएस के दबाव में आकर तेल के आयात में कमी करता हो तो ईरान भारत को दिए गए विशेषाधिकार छीन लेगा। ऐसे में भारत का चाहबर बंदरगाह का सपना टूट सकता है। चाबहार बंदरगाह भारत के लिए कारोबार से लेकर रणनीतिक तौर पर बेहद अहम है। भारत इस परियोजना पर भारी भरकम पैसा लगा रहा है। ओमान की खाड़ी के इस बंदरगाह की मदद से भारत पाकिस्तान से बचते हुए ईरान और अफगानिस्तान तक पहुँच बना पायेगा। लेकिन अब इरान ने चेतावनी दी है कि अगर भारत यूएस के दवाब में आता है तो उसे नुकसान उठाना होगा।

दिल्ली: प्राइवेट स्कूल का आतंक, 59 मासूम बच्चियों को तहखाने में बनाया बंधक

दरअसल अमेरिका के प्रतिबंधों के अनुसार, ईरान से तेल आयात करने वाले सभी देशों को 4 नवंबर तक ईरान से तेल का आयात बंद करने को कहा है। जिसके बाद भारत ने अमेरिकी दवाब में आते हुए तेल आते में कटौती शुरू कर दी है?

यह भी देखें-

loading...