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ड्रैगन ने डाले नेपाल पर डोरे, बढ़ सकती है भारत की टेंशन

 

नई दिल्ली: बीते जून से भारत और चीन के बीच बना तनाव खत्म होता नहीं नजर आ रहा है। सिक्किम भारत चाइना बॉर्डर पर डोकलाम को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार वाक युद्ध जारी है। इसी बीच चीन ने भारत पर कूटनीतिक दवाब बनाने के लिए नेपाल से संपर्क किया है। चीन ने पूरे मामले पर नेपाल को भी अपने साथ लाने की कोशिश की है।

भारत और चीन के बीच डोकलाम के मुद्दे पर लगातार तनाव बरकरार है। भारत चीन के सामने कड़ा रुख अख्तियार किये हुए है जिससे डरा-सहमा चीन लगातार भारत पर धमकाकर काम चलाने की कोशिश में लगा है। वहीँ जब चीन की दाल भारत को धमकाकर नहीं गली तो अब चीन ने नेपाल के साथ मिलकर भारत पर दवाब बनाने की कोशिश में लगा है। मालूम हो कि चीन का यह फैसला इस लिहाज से भारत की चिंता बढ़ाने वाला है क्योंकि भारत नेपाल के साथ भी विवादित क्षेत्र में ट्राइ-जंक्‍शन साझा करता है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो चीन के डिप्टी चीफ मिशन ने नेपाल में अपने समकक्ष के डोकलाम मुद्दे पर चर्चा की है। उन्होंने इस बातचीत में चीन की स्थिति को भी स्पष्ट कर दिया है।

चीन इस बात पर कायम है कि भारत के साथ किसी भी अर्थपूर्ण बातचीत के लिए भारतीय सैनिकों को डोकलाम से पीछे हटना ही होगा। चीन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि भारत को बिना किसी शर्त के अपनी सेना को पीछे हटा लेना चाहिए। डोकलाम में भारत की तैनात सेना को चीन अपनी सम्प्रपुता का हनन मानता है। जिसपर चीनी राजनयिकों ने काठमांडू और बीजिंग में इसी मुद़दे पर नेपाल के अधिकारियों के साथ मुलाकात की है। हालाँकि अभी इसपर कोई सरकारी बयान या जानकारी साझा नहीं की गयी है। और न ही नेपाल ने भारत के साथ कोई डोकलाम को लेकर जानकारी ली है। वहीँ भारत का रुख पहले की तरह साफ़ है। भारत ने चीन को साफ़ लहजे में बता दिया है। डोकलाम के मुद्दे पर चीन को पहले अपनी सेना को पीछे हटाना होगा उसके बाद ही किसी मुद्दे पर चर्चा होगी।   

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