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अमेरिका से आई ‘भारत’ का सिर ऊंचा करने वाली खबर!

वाशिंगटन: अमेरिका नॉर्थ कोरिया के बीच बने विवाद पर अमेरिका के शीर्ष कमांडर ने कहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने में भारत मुख्य भूमिका निभा सकता है। कमांडर ने कहा कि उनका मानना है कि नॉर्थ कोरियाई नेतृत्व से बने परमाणु खतरे की गंभीरता को समझते हुआ भारत मददगार साबित हो सकता है।

भारत अमेरिका का भी पुराना साथी है, और आपको पता हो कि भारत, नॉर्थ कोरिया का भी बड़ा व्यापारिक साझेदार है, भारत और नॉर्थ कोरिया के बीच हर साल करोड़ों डॉलर का व्यापार होता है। हालांकि भारत ने कभी नॉर्थ कोरिया की धमकियों और परमाणु मिसाइल परीक्षणों का समर्थन नहीं किया है। भारत हमेशा से इसके खिलाफ रहा है, लेकिन आपको पता हो कि इससे पहले भी अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधो के समय भी भारत ने नॉर्थ कोरिया की मदद की थी। ऐसे में भारत और नॉर्थ कोरिया के संबंधों को देखते हुए अमेरिकी प्रशांत कमांड के कमांडर एडमिरल हैरी हैरिस ने बड़ा बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि भारत इस विवाद में अहम् भूमिका निभा सकता है। कमांडर ने कहा कि भारत, अमेरिका की चिंताओं को अच्छी तरह समझ सकता है कि नॉर्थ कोरिया के बढ़ते परमाणु कार्यक्रमों से अमेरिका सहित पूरे विश्व को बढ़ा खतरा बन रहा है। ऐसे में नॉर्थ कोरिया और अमेरिका विवाद में भारत बड़ी भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि इसका फैसला भारत को करना है कि वह किस तरह की भूमिका निभाना चाहता है। हैरिस ने कहा कि मेरा मानना है कि भारत की आवाज तेज है जिससे लोग इस पर ध्यान देंगे। इसलिए मुझे लगता है कि भारत शायद उस बात की गंभीरता को समझाने में नॉर्थ कोरिया की मदद कर सकता है, जिसे अमेरिका खतरा मानता है।

ऐसे में भारत की आवाज से नॉर्थ कोरिया पर प्रभाव पड़ सकता है। उनका मानना है कि भारत अमेरिका और नॉर्थ कोरिया के बीच सैन्य कार्रवाई को रुकवाने में बड़ी कड़ी साबित हो सकता है।

आपको बता दें भारत, के साथ साथ चीन भी नॉर्थ कोरिया का बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन चीन पर हमेशा यह आरोप लगा है कि वह उत्तर कोरिया को गुप्त तरीके से परमाणु संसाधन उपलब्ध करवाता है, जिससे अमेरिका के लिए खतरा बन सके।

वहीं अमेरिका इस मामले में भारत भरोसा कर रहा है। वहीँ हाल ही में नॉर्थ कोरिया ने गुआम महाद्वीप पर स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला करने की योजना को सार्वजनिक किया था, जिसके बाद से दोनों  देशों के बीच हालात बेहद ही खराब हो गये हैं।     

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