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नसीरुद्दीन को लेकर इमरान ने भारत पर लगाए संगीन आरोप, इसलिए हिंदुस्तान से अलग हो गए थे जिन्ना...

नई दिल्ली: पड़ोसी देश पाकिस्तान के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर से भारत पर लाक्षंण लगाने का काम किया है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कथित गोहत्या के मामले पर विवादित बयान देकर आलोचनाओं का शिकार हुए अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मामले को हवाले देते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है।

दरअसल, प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को कहा कि वह नरेंद्र मोदी सरकार को दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों से साथ कैसे व्यवहार करते हैं?  पीएम खान ने पंजाब सरकार की 100 दिन की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए लाहौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि, उनकी सरकार ये सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को उनके उचित अधिकार मिले।

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इमरान ने कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों के साथ भेद-भाव हुआ है। इतना ही नहीं इमरान ने ये भी दावा किया कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को ये बात पहले ही पता थी कि हिंदुस्तान में भेदभाव होगा, जिसके कारण ही उन्होंने अलग देश पाकिस्तान बनाने की मांग की थी। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह का नाम लेते हुए भारत पर हमला बोला और कहा कि भारत में मुसलमानों के बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाता।

उन्होंने कहा कि जिन्ना का डर सही साबित हुआ। उन्होंने जिन्ना का जिक्र करते हुए कहा कि कायदे आजम अंग्रेज से आजादी चाहते थे, वो कांग्रेस के अंदर सबसे उचा कद रखते थे, वह सबसे ताकतवर नेता थे। इमरान ने कहा कि जिन्ना को ये बात पता चल गई थी कि हिंदुस्तान जो आजादी मांग रही है उसमें मुसलमानों को बराबरी का हक नहीं मिलेगा, यही कारण है कि कायदे आजम अलग हुए।

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साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह देश के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का भी दृष्टिकोण था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्वित करेगी कि अल्पसंख्यक सुरक्षित और संरक्षित महसूस करें, उन्हें नये पाकिस्तान में समान और अधिकार मिले। साथ ही उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि, हम मोदी सरकार को दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसे व्यवहार करते हैं?

उन्होंने कहा कि, भारत में लोग कह रहे हैं कि अल्पसंख्यकों के साथ समान नागरिकों की तरह व्यवहार नहीं हो रहा है। यदि कमजोर को न्याय नहीं दिया तो इससे विद्रोह ही उत्पन्न होगा। साथ ही उन्होंने अपने ही देश का उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को उनका अधिकार नहीं मिला जो बांग्लादेश निर्माण का मुख्य कारण बना था।

हालांकि भारत के मामले में दिलचस्पी दिखाने के साथ-साथ इमरान खान को अपने देश पाकिस्तान में अल्पसंख्यों की हालत पर थोड़ ध्यान देने की जरूरत हैं, क्योंकि आय दिन पाकिस्तान से अल्पसंख्यकों की चीख-पुकार से भरी खबरें आती रही है।

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