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कुलभूषण जाधव मामले ने लिया नया मोड़!

नई दिल्ली: जासूसी के मामले में काफी लम्बे समय से पाकिस्तान की जेल में बंद इंडियन नेवी के रिटार्ड अफसर कुलभूषण जाधव का केस एक बार फिर से नया मोड़ ले लिया है। मामले के करीब 4 महीने बाद एक बार फिर से इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने कुलभूषण जाधव केस की सुनवाई शुरू कर दी है।

आपको बता दे कि पाकिस्तानी सेना ने कुलभूषण को पिछले साल भारतीय जासूस के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद आर्मी कोर्ट ने उन्हें अप्रैल में फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कुलभूषण जाधव मामले को इंटरनेशनल कोर्ट तक ले गया था और पिटीशन दायर की थी। उसके बाद मई में कोर्ट ने कुलभूषण की फांसी की सजा को 18 मई तक टाल दिया था।

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जिसके बाद इंटरनेशनल कोर्ट ने कुलभूषण की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी और साथ ही पाकिस्तान से जाधव को काउंसलर एक्सेस देने को भी कहा था, लेकिन खबर है कि पाकिस्तान कोर्ट का आदेश भी नहीं माना है। भारत द्वारा 2 जुलाई को पाकिस्तान ने जाधव को काउंसलर एक्सेस देने के लिए दी गई अर्जी को फिर खारिज कर दी थी। पाकिस्तान अब तक भारत की 17 अर्जियां खारिज कर चुका है। जिसके बाद अब खबर है कि मामले पर भारत सरकार ने लिखित अर्जी दी है।

इंटरनेशनल कोर्ट ने पाकितान को दी थी नसीहत

बता दें कि कोर्ट ने जब कुलभूषण की फांसी पर रोक लगाने के फैसला के साथ-साथ पाकिस्तान को निर्देश जारी किया था कि पाकिस्तान को कोर्ट में ये सबूतों के साथ बताना होगा कि उसे जो ऑर्डर आईसीजे ने दिए हैं, उन पर किस तरह से अमल करेगा। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि भारत को ये अधिकार है कि वो कॉन्स्यूलर एक्सेस के लिए अपील करे।

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कोर्ट साफ तौरा पर कहा है कि कोर्ट के आखिरी फैसले तक पाकिस्तान जाधव को सजा नहीं दे सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि जाधव को दया याचिका दायर करने का भी हक है और सिविलाइज्ड सोसायटी में हर देश को पहले से तय नतीजे पर सजा देने का अधिकार नहीं है। हालांकि अब मामले की सुनवाई फिर से शुरू हो गई है, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है की इस पूरे मामले पर कोर्ट का क्या नजरिया होता है, क्योंकि पाकिस्तान के रवैसे से ऐसा मालूम पड़ता है कि उसने कोर्ट के निर्देश को सही से पालन नहीं किया है।

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