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इस देश पर आतंकियों ने दागे 600 रॉकेट, अब लिया गया ये फैसला

नई दिल्ली: इजरायल और हमास दो दिनों की भारी हिंसा के बाद संयुक्त राष्ट्र, मिस्र और कतर की मध्यस्थता में संघर्ष विराम का समझौता करने के करीब हैं। फिलिस्तीनी सूचना केंद्र ने सोमवार को यह जानकारी दी।

शनिवार सुबह से गाजा में फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने इजरायल पर लगभग 600 रॉकेट दागे, जिसके जवाब में इजरायली सेना ने लगभग 320 हमले किए, जो 2014 इजरायल-गाजा संघर्ष के बाद से सबसे बड़ी हिंसा है।

फिलिस्तीन के एक स्वतंत्र संगठन ने गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा कि इस हिंसा में 25 फिलिस्तीनी लोगों की मौत हो गई।

वहीं, इजरायली रक्षा बलों ने इजरायल के चार नागरिकों की मौत की पुष्टि की है।

आईडीएफ ने ट्विटर पर कहा, "दक्षिणी इजरायल में हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। पिछले 36 घंटों में इजरायल के नागरिकों पर 600 से ज्यादा रॉकेट दागे गए।"

इजरायल और फिलिस्तीन की मीडिया ने संकेत दिए हैं कि संघर्ष विराम जल्द होगा।

हमास ने कथित रूप से मांग की है कि इस नई युद्ध विराम संधि में मार्च में हुई हिंसा के बाद हुई इसी तरह संधि में तय की गई शर्तो का पालन किया जाए, जिसमें गाजा पट्टी पर स्थितियों में सुधार, बस्ती के किनारे से मछली पकड़ने के क्षेत्र में विस्तार और इजरायल द्वारा कतरी धन और विभिन्न सामान तथा मानवीय मदद के मासिक प्रवेश की अनुमति की बात की गई थी।

इजरायली सेना के एक प्रवक्ता ने रविवार शाम कहा कि गाजा सीमा पर सेना की दो यूनिट्स तैनात कर दी गई हैं और उन्हें किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।

इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने गाजा द्वारा इजरायल पर, विशेष रूप से नागरिक ठिकानों पर रॉकेट दागने की कड़ी निंदा की है।

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