Breaking News
  • बिहारः मुठभेड़ में खगड़िया के पसराहा थाना अध्यक्ष आशीष कुमार सिंह शहीद
  • J-K: पुलवामा में सुरक्षा बलों ने हिजबुल के एक आतंकी को मार गिराया
  • दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 82.66 रुपए प्रति लीटर, डीजल 75.19 रुपए प्रति लीटर
  • J-K:स्थानीय निकाय चुनाव के लिए तीसरे चरण की वोटिंग जारी

इमरजेंसी का ऐलान- पूर्व राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस के साथ SC के जज भी गिरफ्तार...

नई दिल्ली: मालदीव में राजनीतिक संकट को देखते हुए मौजूदा राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन अब्दुल गयूम ने 15 दिनों के आपातकाल का एलान किया है। राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद गहराया संवैधानिक संकट के बीच पूर्व राष्ट्रपति एम ए गयूम और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अब्‍दुल्‍ला सईद को गिरफ्तार कर लिया गया है।

राष्ट्रपति

तो वहीं निष्कासित पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने की देश की जनता से सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की है। बता दें कि यहां पूर्व राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के साथ अन्‍य जजों को भी गिरफ्तार किया गया है। हालांकि जजों को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है, इस संबंध में कोई पुख्ता जानकारी नही है।

दुनिया के किस देश में है इतना शानदार एयरपोर्ट- बनाया बड़ा रिकॉर्ड...

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गिरफ्कतारी के बाद इन लोगों को राजधानी माले से बाहर ले जाया गया है। मालदीव पुलिस ने पूर्व राष्टपति मामून अब्दुल गयूम और उनक दामाद को भी उनके घर से गिरफ्तार किया है। गयूम, यामीन के भाई हैं और देश के सबसे लंबे वक्त तक सत्ता में काबिज रहने वाले राष्ट्रपति हैं। उन्हें धुनिधू डिटेंशन सेंटर में ले जाया गया है।

video

आपात काल से जुड़े सरकारी बयान में कहा गया है कि इस वक्त में कुछ अधिकार सीमित रहेंगे। हांलाकि सामान्य आवाजाही, सेवाएं और व्यापार प्रभावित नहीं होंगे। सरकार ने ये भी भरोसा दिलाया है कि देश में मौजूद विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

सब के सामने अर्शी ने किया इन सभी को बोल्ड किस- क्लिक कर देंखे तस्वीरें...

दरअसल मालदीव के सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया था, जिसे मानने से राष्ट्रपति यामीन ने मना कर दिया था। राष्ट्रपति ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेताओं के एक समूह की रिहाई का आदेश देने में अपने अधिकारों की सीमा रेखा को लांघ दिया है। कोर्ट के नाम भेजे एक पत्र में राष्ट्रपति यामीन ने अदालत ने अपने फैसले पर फिर से विचार करने को कहा है।

ताजा घटनाक्रम में कोर्ट के फैसले के खिलाफ खड़ी सरकार के आदेश पर सुरक्षा बलों ने सुप्रीम कोर्ट के गेट को तोड़ दिया है। कोर्ट के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई है। बहरहाल माना जा रहा है कि आपातकाल के बाद सुरक्षा बलों को संदिग्धों को हिरासत में लेने और गिरफ़्तार करने की अतिरिक्त छूट दी गई है।

सड़क पर सेना

बता दें कि सरकार ने संसद को पहले ही बर्ख़ास्त कर दिया है और सेना को आदेश दे चुकी है कि सुप्रीम कोर्ट अगर राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन के ख़िलाफ़ महाभियोग लाने की कोशिश करे तो उसे अमल में आने से रोका जाए। राजधानी माले में इस वक्त बड़े पैमाने पर सेना की तैनाती की गई है। सेना ने संसद को चारों तरफ से घेर कर सील कर दिया है. लोग सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच लंदन में निर्वासित निष्कासित पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने देश के लोगों से सरकार के खिलाफ सड़कों पर आने की अपील की है।

तो वहीं अपताकाल को लेकर अमेरिका ने कहा है कि इस स्थिति में वह मालदीव के लोगों के साथ है। अमेरिका ने मालदीव की सरकार तथा सेना से कानून के शासन का सम्मान करने का अनुरोध किया किया है। इसके साथ इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी चिंता जताते हुए सभी भारतीय नागरिकों को माले और अन्य क्षेत्रों की यात्रा अगले आदेशों तक नहीं करने की सलाह दी है।

DD

loading...