Breaking News
  • दिल्लीः पूर्व भाजपा अध्यक्ष मांगेराम गर्ग का निधन
  • पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित का दिल्ली में अंतिम संस्कार
  • महेंद्र सिंह धोनी ने वापस लिया वेस्टइंडीज़ दौरे से नाम
  • भारतीय एथलीट हिमा दास ने 400 मीटर रेस में मारी बाजी, एक महीने में 5वां गोल्ड मेडल

ट्रंप ने पाकिस्तान पर बोला हमला तो इमरान ने बजा दी ईंट से ईंट!

नई दिल्‍ली: दुनिया के सबसे ताकतवर देशों में से एक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान को मिलने वाले करोड़ों रुपये की सहायता रोक दी गई है। इस मामले में अपनी सरकार का बचाव करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका काफी सालों से पाकिस्तान की मदद करता रहा है, लेकिन पाकिस्तान ने अमेरिका के लिए कुछ नहीं किया इसलिए मदद रोक दी गई।

जिसके बाद अब अमेरिकी राष्ट्रपति के सवालों का जवाब देते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमारान खान ने भी अपनी मन की बात दुनिया के सामने रखे हैं। इससे पहले आपको बता दें कि ट्रंप की बातों को अगर आसान शब्दों में समझा जाए तो इसका एक मतलब है कि अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए पाकिस्तान को अंधाधुन पैसे दिए, लेकिन सारे पैसे डकारने के बाद भी पाकिस्तान में आतंकवाद फल-फुल रहा है।

CBI में मामले में हैरान कर देने वाला खुलास, सामने आया डोभाल का नाम!

अमेरिका के अनुसार पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कुछ नहीं किया। वहीं इमरान खान ने कहा कि, 9/11 हमले में कोई भी पाकिस्‍तानी शामिल नहीं था लेकिन पाकिस्‍तान ने अमेरिका के आतंक के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने का फैसला किया। इस लड़ाई में 75000 से ज्‍यादा पाकिस्‍तानियों ने जान गंवाई और हमारे देश की अर्थव्‍यवस्‍था को 123 खरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा और इसके बदले अमेरिका से मात्र 20 खरब डॉलर की मदद आई।

 28 साल की उम्र में 4 बार कैंसर को हरा चुकी है ये महिला

खान ने कहा कि हमारे कई इलाके बर्बाद हो गए, लाखों लोग बेघर हो गए। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई का बुरा असर आम पाकिस्तानियों के जीवन पर भी पड़ा। लेकिन इसके बाद भी पाकिस्‍तान अपने जमीनी और हवाई मार्ग का इस्तेमाल करने दिया, क्‍या ट्रंप अपने किसी ऐसे सहयोगी का नाम बता सकते हैं जिसने ऐसी कुर्बानियां दी?

अमृतसर ग्रेनेड अटैक में हैरान कर देने वाला खुलासा

उन्होंने कहा कि, अपनी असफलताओं के लिए पाकिस्‍तान को बली का बकरा बनाने की जगह अमेरिका को इस बात के लिए चिंतन कहना चाहिए कि नाटो के 1,40,000 और 2,50,000 अफगान सौनिकों एवंम 1 ट्रिलियन डॉलर अफगान युद्ध पर खर्च करने के के बाद भी आज तालिबान पहले के मुकाबले अधिक मजबूत क्‍यों है?

loading...