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राष्ट्रपति गनी को चुकानी पड़ी महंगी कीमत: आतंकियों के खिलाफ किया था सीजफायर का ऐलान

काबुल: अफगानिस्तान ने हाल ही में ईद के मौके पर आतंकियों के खिलाफ संघर्ष विराम का ऐलान किया था। लेकिन यही ऐलान उसे गहरा जख्म दे गया है। शनिवार को तालिबानी आतंकियों ने सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाते हुए 20 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को मौत के घाट उतार दिया है।

बतादें कि अफगानिस्तान के अल-सुबह कला-ए-जल जिले में तालिबानी आतंकियों ने यहाँ की सुरक्षा पोस्टों को निशाना बनाते हुए बड़े हमले किये हैं। जिसमें कम से कम 20 सुरक्षा कर्मी मारे गये हैं। एक न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट की माने तो तालिबानी आतंकियों ने सुरक्षा पोस्टों पर अंधाधुंध गोली बरसानी शुरू कर दी थी। जिससे सुरक्षा पोस्ट पर तैनात 20 सुरक्षाबल मारे गए है।

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वहीँ 6 घायल बताये जा रहे हैं। आतंकी घटना के कुछ ही समय पहले राष्ट्रपति अब्दुल गनी ने ईद के मौके को देखते हुए सात दिन के लिए आतंकियों के खिलाफ संघर्ष विराम का एलान किया था। लेकिन उनके ऐलान के कुछ ही घंटे बाद आतंकियों ने बड़ा हमला करते हुए 20 निर्दोष सुरक्षाबलों की हत्या कर दी। वहीँ अहम् बात यह भी है कि आतंकी हमले से पहले तालिबान ने इससे जुड़ा एक संदेश अफगानिस्तान के पत्रकारों को भेजा था।

 

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इसमें संगठन ने लिखा, सभी मुजाहिद्दीनों को निर्देश है कि वे ईद के पहले तीन दिन अफगान सुरक्षाबलों पर हमला ना करें'। ऐसे में राष्ट्रपति गनी द्वारा आतंकियों के खिलाफ दोहरा रवैया अपनाने का खामियाजा अफगान सुरक्षा बालों को चुकाना पड़ा है। यहाँ यह बताना भी जरुरी है कि अफगानिस्तान में आतंकवाद ने खिलाफ़ लड़ाई की जंग अमेरिका और अफगानिस्तान मिलकर लड़ रहे हैं। वर्षों से चली आ रही इस जंग में अभी भी दोनों देशीं की सेनाएं किसी नतीजे पर नहीं पहुंची हैं।

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