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खुलासा: किसानों से 14 रुपए लीटर खरीदकर 50 रुपए में बेचा जा रहा है दूध...

शिमला: रोजमर्रा की चीजों के महंगे होने पर हम अक्सर सरकार को कोसा करते हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में एक ऐसा खुलासा हुआ है। जिसे जानकार आपके पैरों तले की जमीन खिसक सकती है कि किस कदम हमारी आपकी जेबों को दिनदहाड़े काटा जा रहा है।

दरअसल श्वेत क्रांत यानी कि दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सभी सरकारें जोर देतीं हैं। जिसके लिए गाय और भैंस की खरीददारी, डेयरी के लिए लोन आदि तक मुहैया करवाया जाता है, जिससे दूध का उत्पादन बढ़े। लेकिन दूध के उत्पादन बढ़ने के बाद भी हम आपको दूध लगातार महंगा ही मिल रहा है। दूध को रोजमर्रा की जरूरत की चीजों में गिना जाता है। अमूमन हम सभी बाहर से ही दूध खरीदते हैं। जिसकी कीमत 45-50 रूपये लीटर होती है। हमारे हाथ में आने वाले दूध (पैकेट) या खुला लगभग इसी भाव मिलता है। लेकिन सच्चाई जानकार फ्यूज उड़ जाएगा कि यही दूध किसानों से महज 14 रूपये लीटर खरीदा जाता है।

हाँ आप सही पढ़ रहे हैं कि किसानों से यही दूध 14 रूपये लीटर खरीदकर हम-आपको 45-50 रूपये में बेचा जाता है। दरअसल के मीडिया की खास रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि हिमाचल प्रदेश में किसानों ने इस बात से नाराजगी जताते हुए दूध बेचने से मना कर दिया है कि उनको इसका सही दाम नहीं दिया जा रहा है। हिमाचल में हजारों किसान हर दिन डेढ़ लाख लीटर से अधिक दूध बेचते हैं, जिसकी कीमत शहर में 45 से 50 रुपये लीटर वसूली जाती रही है। लेकिन किसानों को इसकी कीमत 14 से 23 रुपये लीटर दी जाती है।

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ज्यादातर 20 रूपये से कम में ही दूध खरीदा जा रहा है। अब ऐसे में किसानों ने मजबूरन दूध बेचना ही कम कर दिया है या कहें कि दुधारू जानवरों को ही रखने से परहेज करने लगे हैं। गाँव में किसानों से दूध खरीदने का काम समितियां करती हैं। जोकि मनमाने ढंग से चलती हैं। ऐसे में दुग्ध उत्पादकों की शिकायत है कि उन्हें गुणवत्ता के आधार पर दूध के दाम नहीं दिए जा रहे हैं। मिल्क फेडरेशन और किसानों के बीच में बैठीं यह समितियां किसानों को मामूली और कीमत में दूध खरीदकर ऊँची कीमत में बेंच कर मालामाल हो रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में अगर यही हालात रहे तो किसान दूध का उत्पादन ही छोड़ देगा। वैसे सिर्फ दूध ही नहीं सब्जी और अनाजों में भी यही हाल है। किसानों को उनकी लागत भी नहीं मिलती और महंगाई के नाम पर आम आदमी की जेब भी कट जाती है।  

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