Breaking News
  • राजकीय सम्मान के साथ मनोहर पर्रिकर का अंतिम संस्कार
  • प्रयागराज से वाराणसी तक बोट यात्रा कर रही हैं प्रियंका गांधी
  • बोट यात्रा से पहले प्रियंका ने किया गंगा पूजन, देश का उत्थान और शांति मांगी
  • होली के पावन पर्व पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति कोविंद ने सभी देशवासियों को दी शुभकामनाएं
  • भारत पर कोई और आतंकी हमला हुआ तो फिर इस्लामाबाद के लिए हो जाएगी ‘बहुत मुश्किल’
  • भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र इस बार नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
  • जम्मू के सोपोर इलाके में सुरक्षाकर्मियों और आंतकियों के बीच मुठभेड़

हिमाचल: रात के सन्नाटे में आई बड़ी कुदरती आपदा और फिर...

शिमला: हिमाचल प्रदेश में मंगलवार जब लोग घरी नींद में थे उसी दौरान भूकम्प के झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी। बताया जा रहा है मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में भूकम्प के झटकों से धरती हिल गयी। जिससे लोगो को आनन-फानन में घरों से बाहर भागना पड़ा।

बतादें कि हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को रिक्टर पैमाने पर 3.3 तीव्रता के भूकंप के झटके से लोगों में दहशत फ़ैल गयी। दरअसल भूकम्प के झटके देर रात एक बजे महसूस किया गये। भूकम्प के झटके तब लगे जब लोग अपने अपने घरों में गहरी नींद में सो रहे थे, उसी दौरान झटकों ने लोगों को घर बाहर भागने के लिए मजबूर कर दिया है। बताया जा रहा है कि भूकम्प के झटके राजधानी शिमला, चम्बा जिले सहित उसके आस पास के कई क्षेत्रों में महसूस किये गये थे।

पंजाब: थम गए रोडवेज बसों के पहिये, हजारों कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल

 

हालाँकि 3.3 तीव्रता होने के कारण किसी भी नुकसान की कोई खबर अभी तक नहीं आई है, लेकिन भूकम्प ने लोगों की नींद जरुर उजाड़ दी। भूकम्प के बाद मंगलवार सुबह मौसम विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि इसका केंद्र जम्मू एवं कश्मीर सीमा से सटा चंबा क्षेत्र रहा। वहीँ राज्य में इसी माह में कई बार भूकम्प के झटके लग चुके हैं। जिससे लोग काफी दहशत में रहते हैं। इससे पहले राजधानी शिमला और उसके आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटके लगे थे, जिसकी तीव्रता 4.6 मापी गयी थी।

कर्नाटक: आने वाले हैं किसानों के अच्छे दिन, माफ होगा 10 हजार करोड़

यह झटके तीन बजकर 45 मिनट 50 सेकेंड पर महसूस हुए। उसके बाद कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए। हिमाचल प्रदेश में इसी साल लगातार अबतक कई झटके लग चुके हैं। यह ठीक शुभ संकेत नहीं है। वहीँ इस भूकंप का केंद्र भी चंबा ही था, अगर भूकंप की तीव्रता जरा भी ज्यादा होती तो बड़ी तबाही ला सकती थी।

यह भी देखें-   

 

loading...