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इस भयंकर परेशानी से बचे रह सकते हैं मासूम बच्चे, माताएं जरूर करें ऐसा

नई दिल्ली: जन्म के साथ ही मां का दूध पीना फायदेमंद होता है, वैसे तो ये बात सभी लोगों को पता होता है, हालांकि इसके बाद भी कुछ माताएं अपने बच्चे को अपने स्तन का दूध न पिला कर बाजार से डब्बे का दूघ पिलाती हैं। लेकिन आज आप को बचपन में मां के दूध पीना बच्चों के लिए कितना फायदेमंद होता है।

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दरअसल इस विषय पर हाल ही में आए एक शोध के हवाले से बताया जाता है कि बचपन में मां के दूध में मिलने वाली शर्करा बच्चों को भविष्य में होने वाली एलर्जी से बचाने में मददगार साबित होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार मां के दूध में मिलने वाले शर्करा का लाभ भले ही बचपन में बच्चों को या उनके माताओं को न दिखे लेकिन भविष्य में रोग से लड़ने के लिए यह काफी मदद करता है।

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मां के दूध में ओलिगोसैकराइड्स HMO पाया जाता है जिसकी संरचनात्मक में शर्करा के अणु होते हैं। यह मां के दूध में पाए जाने वाले लेक्टोज और वसा के बाद तीसरा सबसे बड़ा ठोस घटक बताया जाता है। बताया जाता है कि बच्चे इसे पचा नहीं पाते हैं लेकिन लेकिन उनके आंत में ये माइक्रोबायोटा के विकास में प्रिबॉयोटिक के तौर पर काम करते हैं।

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जानकारों का मानना है कि माइक्रोबायोटा एलर्जी की बीमारी पर असर डालता है। बता दें कि इस शोध का प्रकाशन जर्नल 'एलर्जी' में किया गया है। शोध में एक साल की उम्र होने के बाद बच्चे की त्वचा की जांच की गई है, जिसमें शोधकर्ताओं ने पाया कि मां का दूध पीने वाले बच्चे खाद्य पदार्थ की एलर्जी के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई।

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आपको बता दें कि एलर्जी की बीमारी जवान लोगों को भी काफी परेशान करती है, ऐसे में अगर किसी बच्चों को एलर्जी की परेशानी बालपन में हो गई तो जरा सोचिए उसे कितनी परेशानी होती होगी। वहीं मां के दूध बच्चे को अन्य कई तरह के फायदे भी देते हैं कि इसलिए माताएं कभी भी अपने बच्चे को बचपन में अपना दूध पिलाने से परहेज न करें।

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