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किसानों के लिए एक और बुरी खबर: इस बार नहीं होगी...

अहमदाबाद: किसान की आशा और उम्मीदों पर इसबार की बारिश भी नेताओं के तरह धोखा दे सकती है। जैसा कि वादा करने और बाद में उन्हें पूरा करने में नेता पीछे हटते है। ठीक उसी प्रकार इस बार मानसून के काले बादल को दिखेंगे, लेकिन बारिश की कम संभावना है।

बतादें कि गुजरात के भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी जानकारी की माने तो गुजरात में अगले चार दिनों तक मानसून/वर्षा की कमजोर हो सकती है। जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी छा जाएगी! खबरों के अनुसार बताया गया है कि राज्य में आगामी सात, आठ, नौ और दस जुलाई को कम वर्षा होगी। बताया जा रहा है कि एक माह से भी ज्यादा समय पहले आया मानसून अब कमजोर पड़ने लगा है। बादलों को इधर से उधर ले जाने वाले वायुमंडलीय प्रणाली के कमजोर पड़ने से बारिश के कम होने की संभावना है।

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हालाँकि अभी इसका कोई निश्चय नहीं ही। क्योंकि दक्षिण पाकिस्तान और आसपास में एक ऊपरी वायुमंडलीय च्रकवाती प्रणाली मौजूद है जोकि मानसूनी बारिश के लिए काफी है। जबकि दक्षिण गुजरात से उत्तरी केरल तट तक मौजूद निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। जिससे दस जुलाई तक कम बारिश की संभावना है।

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यहाँ पिछले 24 घंटे के दौरान 33 में से मात्र 22 जिले के कुल 76 तालुका में हल्की से मध्यम वर्षा हुई है। सर्वाधिक वर्षा वलसाड जिले के पारडी में 62 मिलीमीटर हुई थी। वहीँ पूरे राज्य में इस सप्ताह 14 प्रतिशत बारिश दर्ज की गयी है! वहीँ सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। वहीँ कहा गया है कि अभी फिर से मानसून का प्रभाव बढ़ेगा और बारिश होने की संभावना है। गुजरात के कुछ हिस्सों को छोड़कर सभी जगह अच्छी बारिश होगी। हालाँकि यह सब मानसून पर निर्भर कर रहा है।

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