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अधर्मी आसाराम के बलात्कारी बेटे को कोर्ट ने दी कठोर सजा

नई दिल्ली: ‘जस करनी तस भोग ही भ्रता, नरक लोक जात काहे पछताता’, ऐसा लगता है जैसे ये कहावत आसाराम और उसके अधर्मी बेटे के लिए ही बना है। सालों तक धर्म के नाम पर अधर्म की दुकाने चलाने वाले पाखंडी बाप-बेटे से कानून चुन-चुन का हिसाब ले रहा है।

दरअसल, महिलाओं के साथ अत्याचार करने के मामले में जेल की रोटी तोड़ रहे बलात्कारी आसाराम के बेटे नारायण साईं को भी कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सिर्फ उम्र कैद ही नहीं बल्कि नारायण के पाप की परिभाषा तय करते हुए कोर्ट ने एक लाख का जुर्माना भी ठोका है।

हालांकि खबर है कि कोर्ट के इस फैसले से नारायण साईं की तड़प और भी बढ़ गई है और अब वह हाईकोर्ट की सरण में जाने पर विचार कर रहा है।

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि करीब 11 साल पुराने मामले में नारायण साईं और आसाराम दोनों पर रेप के आरोप लगे थे। पुलिस ने पीड़ित बहनों के बयान और लोकेशन से मिले सबूतों के आधार पर नारायण साईं और आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज किया था। फिलहाल आसाराम के खिलाफ गांधीनगर कोर्ट में मामला चल रहा । बता दें कि नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में अब तक 53 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके है, जिसमें कई अहम गवाह भी हैं, जिन्होंने नारायण साईं को लड़कियों को अपने हवस का शिकार बनाते हुए देखा या फिर इस कृत्य में आरोपियों की मदद की थी।

गौरतलब है कि नारायण साईं पर जैसे ही बलात्कार के मामले में एफआईआर दर्ज हुई, वैसे ही वह अंडरग्राउंड हो गया था। पुलिस से बचकर वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। जिसके बाद तत्कालीन सूरत पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी। एफआईआर दर्ज होने के करीब दो महीने बाद ही दिसंबर 2013 में नारायण साईं को हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त नारायण साईं ने सिख का भेष धरण किए हुए था।

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